Published on 2017-12-28

प.वं. माताजी की जन्म शताब्दी तक छत्तीसगढ़ को बनायेंगे 'युग निर्माण प्रदेश'

भारत मात्र भौगोलिक सीमा नहीं है, एक संस्कृति है, एक सोच है जिसमें सारे विश्व का कल्याण निहित है। भारत का उत्कर्ष मात्र कुछ लोग या समुदाय विशेष के उत्थान से संभव नहीं है। इसके लिए हमें अपनी मूल संस्कृति को पुनर्जीवित कर पूरे समाज का उत्थान करना है। इस महान कार्य को पूरा करने के लिए हम सबको अपनी- अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

३० नवम्बर से ०३ दिसम्बर की तारीखों में बिलासपुर में आयोजित प्रांतीय सृजनशील युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने यह संदेश दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्ति किया कि जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ के युवा विभिन्न आन्दोलनों को गति दे रहे हैं, उसे देखते हुए परम वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी- २०२६ तक पूरे छत्तीसगढ़ को 'युग निर्माण प्रदेश' के रूप में विकसित करने में सफलता अवश्य मिलेगी।

चार दिवसीय सम्मेलन में डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी के अलावा जोन प्रभारी शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री कालीचरण शर्मा जी, दक्षिण पूर्व जोन प्रभारी श्री गंगाधर चौधरी, युवा प्रकोष्ठ प्रभारी श्री के.पी. दुबे जी, श्री आशीष सिंह, श्री पूरन चंद्राकर से विशिष्ट मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। विभिन्न रचनात्मक आन्दोलनों के संदर्भ में विषय विशेषज्ञों ने प्रेरणा एवं प्रशिक्षण दिया। इस क्रम में श्री योगेन्द्र गिरि ने जल संरक्षण पर, श्री ओमप्रकाश राठौर ने युवा जागृति अभियान पर, डॉ. कुंती साहू ने नारी जागरण विषय पर कार्यकर्त्ताओं का मार्गदर्शन किया।

वाहन रैली : सम्मेलन का शुभारंभ ३० नवम्बर को २०० लोगों द्वारा निकाली गयी बाइक रैली से हुआ। इसे माननीय श्री किशोर राय, महापौर बिलासपुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बाइक सवार पीले पहने हैल्मेट थे, हर बाइक पर पीले झण्डे लगे थे। यह रैली गायत्री शक्तिपीठ के निकट सी़एम़डी़ चौक से प्रारंभ होकर कार्यक्रम स्थल बहतराई स्टेडियम पहुँची। वहाँ शंखध्वनि व आरती उतारकर रैली का स्वागत किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम : सृजन चेतना विस्तार का अत्यंत प्रभावशाली आयाम है 'लोकरंजन से लोकमंगल'। इसका प्रदर्शन ३० नवम्बर को संध्याकाल हुआ। १४ जिलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से स्वच्छता अभियान, ग्रामीण विकास, भ्रष्टाचार उन्मूलन, व्यसन मुक्ति आदि आंदोलनों का संदेश दिया। १ एवं २ नवम्बर की प्रात: देव संस्कृति विद्यालय चिल्हाटी, बिलासपुर के ४० बालक- बालिकाओं के द्वारा योग आसनों का प्रदर्शन किया।

प्रांतीय प्रतिवेदन संगठनात्मक प्रतिवेदन जोनल प्रभारी श्री दिलीप पाणिग्रही एवं रचनात्मक प्रतिवेदन युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय सदस्य श्री सुरेन्द्र गुप्ता ने प्रस्तुत किया।

दीपयज्ञ : समापन दिवस की पूर्व संध्या पर मनमोहक दीपयज्ञ आयोजित हुआ। शुभाकृतियों में सजाये ५१०० दीपकों की रोशनी से पूरा स्टेडियम परिसर जगमगाया उठा।

मशाल की साक्षी में लिए संकल्प
३ दिसम्बर को ६ कन्याओं एवं ६ युवाओं द्वारा प्रज्वलित मशाल की साक्षी में उपस्थित हजारों युवाओं ने सामूहिक संकल्प लिये। डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने उन्हें आत्म परिष्कार की साधना को निरंतर प्रखर बनाते हुए छत्तीसगढ़ में चल रहे वृक्ष गंगा अभियान, निर्मल गंगा जन अभियान, आदर्श ग्राम, श्रीराम सरोवर, बाल संस्कार शाला, व्यसनमुक्ति, युवा जागृति आदि अभियानों को निरंतर गति प्रदान करते रहने के संकल्प दिलाये।

समूह चर्चा के निष्कर्ष
९९१ नये मंडल बनायेंगे
२८५ प्रज्ञा मंदिरों की स्थापना
०७७ स्थानों पर कार्यकर्ता प्रशिक्षण
९८९ स्थानों पर व्यसनमुक्त आन्दोलन
१६९ महाविद्यालयों में व्यक्तित्व परिष्कार शिविर
०५० शक्तिपीठों पर नारी जागरण सत्र
०४८ साइकिल तीर्थ यात्राएँ तथा अखण्ड ज्योति की पाठक संख्या, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या, बाल संस्कार शालाओं की संख्या दो गुनी करने के संकल्प लिये गये।

विजन २०२६
मिशन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का समग्र विकास उसे पूर्ण युग निर्माण प्रदेश बनाने के लक्ष्य के साथ 'विजन २०२६' तैयार किया गया है। राष्ट्रीय युवा दिवस- १२ जनवरी २०१८ को सभी जिला मुख्यालयों में इसकी घोषणा की जायेगी, संकल्प लिये जायेंगे।

संपत्ति नहीं, विरासत बचाने के लिए मेहनत करें • डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी
• हम सभी का प्रयास इस देश को फिर से शिखर तक पहुँचाने का होना चाहिए। इसके लिए हमें अपनी समृद्ध विरासत को बचाना एवं घर- घर पहुँचाना होगा। संस्कार व संस्कृति हमारी विरासत है।
• आज का युवा विरासत बचाने के लिए नहीं, संपत्ति बनाने के लिए ज्यादा मेहनत कर रहा है।
• युवाओं को अपने चिंतन को बदलने की जरूरत है। संस्कृति है वहाँ सुख है। जहाँ सम्पत्ति है पर संस्कृति नहीं वहाँ पतन है, प्रगति नहीं।
• युवाओं को अपने अंदर के अंधकार को दूर करने के लिए अंदर ही ज्योति जलानी होगी। इस कार्य के लिए निरंतरता, धैर्य, संकल्प एवं भगवान के प्रति श्रद्घा की आवश्यकता है।

युवा ही उठा सकते हैं क्रान्तिकारी कदम • श्री कालीचरण शर्मा
युवाओं को रोटी नहीं, जीने का मकसद तलाशना चाहिए। उनमें देश में व्याप्त असमानता, रूढ़ियाँ, अशिक्षा व आसपास जो गड़बड़ियाँ हो रही हैं, उसके खिलाफ बगावत का जज़्बा होना चाहिए। इतिहास गवाह है कि क्रांतिकारी कदम युवा ही उठा सकते हैं।

भारत युवा देश : संयोग नहीं, ईश्वर की इच्छा है • श्री के.पी. दुबे
भारत वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से संसार के हित में सोचता व करता है। अत: भारत की युवा शक्ति न केवल राष्ट्र- शक्ति ही नहीं, विश्व- शक्ति भी है। भारत का युवा होना मात्र संयोग नहीं, ईश्वर की इच्छा है, क्योंकि संसार के अन्य देश युवा होने से उसकी शक्ति विस्तारवादी, आतंकवादी एवं विध्वंसक गतिविधियों में लगती, जबकि भारत की युवाशक्ति विश्व के नवनिर्माण में लग रही है।

गुरुदेव के अंग- अवयव बनकर काम करें • श्री गंगाधर चौधरी
छत्तीसगढ़ के सरल हृदय लोगों को पूज्यवर का असाधारण प्यार और अनुदान मिला है। मिशन के आरंभ से लेकर अब तक युग निर्माण योजना के विस्तार में यहाँ के लोगों की उल्लेखनीय भूमिका रही है। मैं प्रदेश के नौजवानों का आह्वान करता हूँ कि वे पूज्य गुरूदेव के अंग- अवयव बनकर चुनौतियों का डटकर सामना करें, सफलता निश्चित मिलेगी।

सृजनशील युवाओं और होनहार प्रतिभाओं का सम्मान
केन्द्रीय प्रतिनिधियों ने युग निर्माण आन्दोलन के विविध क्षेत्रों में सर्वोत्तम योगदान देने वाले कार्यकर्त्ताओं एवं शाखाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त डॉ. चिन्मय जी ने हायर सेकेण्ड्री स्कूल के ऐसे छ: विद्यार्थियों को भी मोमेण्टों एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने अपने शोध कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है। ये विद्यार्थी हैं-
उत्तम कुमार तंबोली -उन्नत सोख्ता गढढा के लिए
पूनम सिंह एवं हिमांगी हालदार- राख से डिर्टजेंट का निर्माण
सौमिक कर्माकर- स्कूली बस्ते के भार को कम करने की तकनीक
देवोप्रियों गांगुली एवं मानस खेड़कर डॉ ब्रिज फॉर टेन
कु़नौरिन शब्बाखान- ब्राम्ही के रस से निर्मित सिल्वर नैनो पार्टिकल्स

मंत्री, सांसद, न्यायाधीश, अधिकारी सबकी आशा और विश्वास से युवा आन्दोलन को बल मिला
१ दिसम्बर की सायंकाल श्री संजय अग्रवाल- न्यायाधीश उच्च न्यायालय बिलासपुर पधारे। उन्होंने इस युवा सम्मेलन को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव द्वारा दिया सूत्र च्हम बदलेंगे- युग बदलेगाज् अद्वितीय है।
२ दिसम्बर की सायं डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी के साथ सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति

श्री चंद्रभूषण बाजपेयी, श्री लखनलाल साहू- सांसद बिलासपुर एवं बिलासपुर संभाग के कमिश्नर श्री टी.सी. महावर उपस्थित रहे। श्री महावर ने इस कार्यक्रम की दिव्यता और प्रभाव को जनमानस पर अमिट छाप छोड़ने वाला बताया।

अंतिम दिन श्री अमर अग्रवाल, नगरीय प्रशासन एवं वाणिज्यकर मंत्री ने उपस्थित होकर गायत्री परिवार को एक निष्कलंक संगठन बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि गायत्री परिवार के प्रयासों से निश्चित ही दुनिया में सुख, शांति की स्थापना होगी। इस अवसर पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल श्री गौतम चौरडिया भी उपस्थित रहे।

वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री राजीव अग्रवाल, डॉ़ अरूण मढ़रिया, डॉ़ राधेश्याम शर्मा, डॉ़ एल़सी़ मढ़रिया, श्री प्रदीप झा आदि की उपस्थिति भी उत्साहवर्धक थी।

विशिष्ट आकर्षण : जीवंत प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्थल पर नक्षत्र वाटिका,श्रीराम स्मृति उपवन एवं श्रीराम सरोवर का जीवंत प्रारूप निर्मित किया गया था जो लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना था। दर्शकों को अपने क्षेत्र में ऐसे निर्माण कार्यों के लिए प्रेरित किया गया। इस आशय के ब्रोशर भी बाँटे गये।

आदर्श ग्राम संकुल खम्हरिया, बिलासपुर द्वारा संचालित गौशाला में मशीन द्वारा तैयार किये जा रहे गौमूत्र अर्क एवं फिनाईल का प्रशिक्षण भी दिया गया।


Write Your Comments Here:


img

देसंविवि, शांतिकुंज व विद्यापीठ में हर्षोल्लास के मना स्वतंत्रता दिवस

हरिद्वार 16 अगस्त।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ व शांतिकुंज ने आजादी के 73वीं वर्षगाँठ के उल्लासपूर्वक मनाया। इस मौके पर देसंविवि व शांतिकुंज में विवि के कुलाधिपति अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, संस्था प्रमुख श्रद्धेया शैल दीदी.....

img

देसंविवि, शांतिकुंज व विद्यापीठ में हर्षोल्लास के मना स्वतंत्रता दिवस

हरिद्वार 16 अगस्त।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ व शांतिकुंज ने आजादी के 73वीं वर्षगाँठ के उल्लासपूर्वक मनाया। इस मौके पर देसंविवि व शांतिकुंज में विवि के कुलाधिपति अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, संस्था प्रमुख श्रद्धेया शैल दीदी.....

img

हरिद्वार 16 अगस्त।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ व शांतिकुंज ने आजादी के 73वीं वर्षगाँठ के उल्लासपूर्वक मनाया। इस मौके पर देसंविवि व शांतिकुंज में विवि के कुलाधिपति अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, संस्था प्रमुख श्रद्धेया शैल दीदी.....