Published on 2018-01-27
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गायत्री तीर्थ में शैलदीदी व देसंविवि में डॉ. पण्ड्या ने फहराया तिरंगा
हरिद्वार 27 जनवरी।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ व शांतिकुंज में भारत के आन, बान शान का प्रतीक तिरंगा को उत्साहपूर्वक फहराया गया। इस अवसर पर भारत को बेहतर बनाने के संकल्प के साथ युवा, नौनिहालों एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ताओं ने भागीदारी की।

        सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यापीठ के बैण्ड दल ने स्वस्तिक, ओम, तिरंगा आदि की आकृति के साथ देशभक्ति गीतों के धुनों ने रोमांचित कर दिया, तो वहीं कुँहासों भरी ठंड के बीच तालियों ने गर्मी पैदा कर दी। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने दुर्व्यसन मुक्ति अभियान, गढवाली नृत्य, ताइक्वाण्डो, नारी जागरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सहित देश की सुरक्षा में जुटे जवानों को समर्पित लघुनाटिका प्रस्तुत किये।

        अपने संदेश में कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने समाज व राष्ट्र के विकास में संकल्पित होकर युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। भारत की सीमा को सुरक्षित रखने में सुरक्षा बलों की महत्त्वपूर्ण योगदान है, तो वहीं भारत के विकास में युवाओं का। उन्होंने कहा कि देश के मध्य स्थित नागपुर में युग सृजेताओं के आज से प्रारंभ हो रही तीन दिवसीय विशेष शिविर में हजारों युवाओं को नवसृजन में जुटने हेतु संकल्पित कराया जायेगा। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भारत को सभ्य, सबल व सुविकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

        ध्वजारोहण के अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्यम पण्ड्या, कुलसचिव श्री संदीप कुमार, विद्यापीठ के व्यवस्था मंडल प्रमुख श्रीमती शेफाली सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता एवं देश के कोने-कोने से आये नर-नारी उपस्थित थे।


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