देसंविवि में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं छात्र अध्ययन यात्रा समापन

Published on 2018-02-22

विभिन्न संस्थानों से आये ६० लोगों ने शोधसारांश प्रस्तुत किये

हरिद्वार २२ फरवरी।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं छात्र अध्ययन यात्रा का आज समापन हो गया। यह संगोष्ठी उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, दिल्ली एवं देसंविवि के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित हुआ।

शिविर के समापन पर प्रो. राधेश्याम चतुर्वेदी ने कहा कि हिन्दी जन- जन की भाषा है। इसे ज्यादा से ज्यादा प्रसारित व प्रचारित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने हिन्दी के विकास पर योगदान देने के लिए युवाओं का आवाहन किया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. सुखनंदन सिंह ने कहा कि पत्रकारिता सहित विभिन्न सोशल मीडिया में हिन्दी में वार्ता करनी चाहिए। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रो. दिनेश चन्द्र चमोला ने भारतीय भाषा, साहित्य एवं जनसंचार पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उच्चतर शिक्षा विभाग, मानव संसाधन मंत्रालय, नई दिल्ली सहायक निदेशिका सुश्री मधु ने मंत्रालय की ओर हिन्दी के विकास पर किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी।

इस अवसर पर उच्चतर शिक्षा विभाग,मानव संसाधन मंत्रालय नई दिल्ली से आये सहायक निदेशकद्वय गांधारी पांगती, सुश्री मधु एवं अतिथियों ने भाषा साहित्य और जनसंचार पुस्तक का विमोचन किया। संगोष्ठी के समन्वयक श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि दो दिवसीय संगोष्ठी में साठ प्रतिभागियों ने अपने शोधसार प्रस्तुत किये। इनमें देवसंस्कृति विवि, गुरुकुल कांगड़ी विवि, उत्तराखण्ड संस्कृत विवि, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, सौराष्ट्र विवि राजकोट आदि संस्थानों से विद्यार्थियों एवं शोधरत छात्र- छात्राओं ने अपने शोध पत्र पढ़े। समापन अवसर पर अतिथियों को युग साहित्य एवं उपवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया, तो वहीं प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया।


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