Published on 2018-02-25
img

दोनों देशों की सांस्कृतिक समानता की दिशा में शोध एवं संवाद से विश्व को नई दिशाएँ मिलेंगी।
-डॉ. चिन्मय जी, प्रतिकुलपति देसंविवि

बाल्टिक राष्ट्र लिथुआनिया के शिक्षा मंत्रालय ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय में स्थापित प्रथम एशियाई बाल्टिक संस्कृति एवं अध्ययन केन्द्र को अधिकृत रूप से मान्यता प्रदान करते हुए एक संस्तुति पत्र जारी किया है। इसके अनुसार अब लिथुआनिया की सरकार देव संस्कृति विश्वविद्यालय के लगभग चालीस विद्यार्थियों को लिथुआनिया देश में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में परस्पर सांस्कृतिक समानता सम्बन्धी अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति प्रदान करेगी।

इन दिनों बाल्टिक संस्कृति एवं अध्ययन केन्द्र, देसंविवि में दोनों देशों की सांस्कृतिक समानता पर कई परियोजनाएँ, कार्यशालाएँ, शोधकार्य चल रहे हैं। लिथुआनिया के शिक्षा मंत्रालय की नयी पहल से इन कार्यों को गति मिलेगी।

देसंविवि में स्थापित हैएशिया का प्रथम बाल्टिक केन्द्र
उल्लेखनीय है कि बाल्टिक सागर के तटीय देश लात्विया, एस्टोनिया एवं लिथुआनिया और भारत सहित एशियाई देशों की संस्कृति में बहुत- सी समानताएँ हैं। बाल्टिक देशों में दोनों की समानताओं पर अध्ययन, शोधकार्यों के लिए बहुत उत्साह है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल की। तद्नुसार देव संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रथम बाल्टिक संस्कृति एवं अध्ययन केन्द्र की स्थापना हुई। स्थापना समारोह में कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या जी, तीनों देशों के राजदूत और उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. के.के. पॉल उपस्थित थे।


Write Your Comments Here:


img

गुरु पूर्णिमा पर्व प्रयाज

गुरु पूर्णिमा पर्व पर online वेब स्वाध्याय के  कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे समस्त कार्यक्रम freeconferencecall  मोबाइल app से होंगे ID : webwsadhyay रहेगा 1 गुरुवार  ७ जुलाई २०२२ : कर्मकांड भास्कर से गुरु पूर्णिमा.....

img

ऑनलाइन योग सप्ताह आयोजन द्वादश योग :गायत्री योग

परम पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित पुस्तक  गायत्री योग, जिसके अंतर्गत द्वादश योग की चर्चा की गई है, का ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया| इस कार्यक्रम में विशेष आकर्षण वीडियो कांफ्रेंस.....

img

गृह मंत्री अमित शाह बोले- वर्तमान एजुकेशन सिस्टम हमें बौद्धिक विकास दे सकता है, पर आध्यात्मिक शांति नहीं दे सकता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम उन गतिविधियों का समर्थन करते हैं जो हमारे देश की संस्कृति और सनातन धर्म को प्रोत्साहित करती हैं। पिछले 50 वर्षों की अवधि में, हम हम सुधारेंगे तो युग बदलेगा वाक्य.....