Published on 2018-03-07

५१०० कलशों की शोभायात्रा, २४००० दीप जले

लैलुंगा, रायगढ़। छत्तीसगढ
विकासखंड लैलुंगा में ४ से ७ फरवरी की तारीखों में आयोजित ५१ कुण्डीय श्रद्धा संवर्धन गायत्री महायज्ञ सम्पन्न हुआ। इस विशाल कार्यक्रम में आसपास के कई गाँवों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ५१०० कलशों के साथ विशाल शोभायात्रा निकली। दीपयज्ञ के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ एवं यज्ञ परिसर २४००० दीपों से जगमगा रहे थे। दिव्य चेतना का ऐसा ही प्रकाश और प्रभाव श्रोताओं के अंत:करण में भी छलक रहा था।

कार्यक्रम सम्पन्न कराने शांतिकुंज के वरिष्ठ प्रतिनिधि प्रो. विश्वप्रकाश त्रिपाठी की टोली पहुँची। अपने युग संदेश में उन्होंने मानव में देवत्व को उभारने के लिए उपासना, साधना, आराधना के अवलम्बन की आवश्यकता समझायी। गायत्री परिवार के रचनात्मक आन्दोलनों से जुड़कर अपने समाज में प्रेम, सौहार्द्र, आपसी भाईचारा बढ़ाने तथा जीवन स्तर को ऊँचा उठाने की प्रेरणाएँ दीं।

कार्यक्रम में दीक्षा, यज्ञोपवीत, विवाह, मुण्डन, विद्यारंभ संस्कार बड़ी संख्या में हुए। लैलूंगा विकासखंड के स्काउट-गाइड के बच्चे और शिक्षकों का कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अविस्मरणीय योगदान रहा।


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