महाराष्ट्र प्रांत का सबसे बड़ा आयोजन

Published on 2018-03-13
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४८८ लोगों ने गायत्री मंत्रदीक्षा ली

धुले। महाराष्ट्र
धुले में आयोजित १०८ कुण्डीय श्रद्धा संवर्धन गायत्री महायज्ञ एक ऐतिहासिक आयोजन था। देव संस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने क्षेत्रीय तरुणाई में राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए अथाह उल्लास जगाया, उन्हें स्वयं का आदर्श प्रस्तुत करते हुए समाज को प्रगति की सच्ची राह दिखाने के लिए प्रेरित किया।

सद्विचारों से सजे २५ ट्रेक्टरों और झाँकियों से सजी विशाल शोभायात्रा ने पहले दिन ही यज्ञ की आशातीत सफलता के संकेत दे दिये थे। इस अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में २४०० कलशों के साथ दो कि.मी. की पैदल यात्रा और ५ कि.मी. की वाहन यात्रा निकली।

यह कार्यक्रम संभवत: इस वर्ष में महाराष्ट्र में कार्यक्रम शृंखला का विशालतम कार्यक्रम था। इसमें देवपूजन के दिन भी गायत्री यज्ञ की १० पारियाँ सम्पन्न हुर्इं, १० हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ४८८ दीक्षा, ८६ पुंसवन सहित अन्यान्य संस्कार बड़ी मात्रा में हुए। १११११ दीपों के साथ आयोजित दीपयज्ञ के अवसर पर यह कार्यक्रम एक महान आध्यात्मिक कुंभ प्रतीत होता रहा, जहाँ से हर श्रद्धालु अथाह आस्था, सत्प्रेरणा एवं सद्भावों का दिव्य प्रसाद संग लेकर लौटा।

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सभ्य समाज के निर्माण के लिए हो रहे कुछ आदर्श- अनुकरणीय कार्य

१०० वृक्ष- स्मारकनडियाद, खेड़ा। गुजरातराष्ट्रीय ख्याति के हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल झा गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ताओं के लिए एक आदर्श हैं। अपने अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी वे युग निर्माण आन्दोलनों को गति देने का कोई अवसर हाथ से.....

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गायत्री अश्वमेध महायज्ञ, नेपाल

वीरगंज, नेपाल : दिनांक ३ से ६ मार्च २०१९नेपाल के वीरगंज में प्रस्तावित गायत्री अश्वमेध महायज्ञ अब ३ से ६ मार्च २०१९ की तारीखों में सम्पन्न होगा। श्रद्धेय डॉ. साहब ने नेपाल से आये अश्वमेध महायज्ञ संयोजक मण्डल के साथ.....


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