Published on 2018-03-19

हरिद्वार १८ मार्च।
मुंबई के जाने माने आटोनोमस रामनारायण रुइआ कॉलेज ऑफ आर्ट एण्ड साइंस कालेज (रारुका) व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच योग विज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान सहित कई विषयों पर शैक्षणिक समझौते हुए। समझौते के लिए रामनारायण रुइंया कालेज के प्रधानाचार्य प्रो० सुहास पेडनेकर अपने सहयोगियों के साथ देसंविवि पहुँचे। जहाँ देसंविवि के कुलपति श्री शरद पारधी व प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्याजी ने बताया कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय व रारुका मुंबई के मध्य वैदिक- ज्ञान, योगविज्ञान, कंप्यूटर- विज्ञान, मनोविज्ञान के क्षेत्र में पारस्परिक शैक्षणिक सहयोग संबंधी सहयोगी कार्यक्रम विकसित करने हेतु अनुबंध हुआ है। अनुबंध के तहत दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों एवं प्रोफेसर्स द्वारा उक्त विषयों पर नये- नये शोध एवं कार्यक्रमों पर मिलकर कार्य चलेंगे, साथ ही महत्त्वपूर्ण विषयों पर वास्तविक आदान- प्रदान भी संभव होगा। देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी कुशल मार्गदर्शन में देसंविवि परिवार उत्साह के साथ इन कार्यक्रमों को और अधिक गति देने में जुटा है।

रारुका मुंबई के प्रधानाचार्य प्रो० सुहास पेडनेकर ने कहा कि देसंविवि के शैक्षणिक समझौते से हमारे विद्यार्थियों एवं प्रोफेसर्स में एक नया उत्साह का संचार हुआ है। हम इसे और आगे ले जाने के लिए प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर देसंविवि के कुलपति श्री शरद पारधी व प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्याजी, रामनारायण रुइआ कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो० सुहास पेडनेकर, प्रो. अंजलि सहित देसंविवि व रारुका के प्रोफेसर्स उपस्थित रहे।


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