दुर्गम पहाड़ियों के लोगों को बाँटे जा रहे भोजन किट 
पीड़ितों का सहयोग सर्वोच्च प्राथमिकता :: शैल दीदी 



         देश- विदेश के करोड़ों गायत्री परिवार बाढ़ पीड़ितों की सेवा में प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से सेवा में जुटा है। पूरा शांतिकुंज परिवार इस काम में अपना हाथ बँटा रहा है। बुधवार को केदारनाथ, बद्रीनाथ आदि क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं की पीड़ा उनके चेहरे से स्पष्ट झलक रही थी। घायलों की शांतिकुंज चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है। डॉ. गायत्री शर्मा के नेतृत्व में जन्मशताब्दी चिकित्सालय में २४ घंटे चिकित्सक उपलब्ध हैं और मरीजों की आवश्यकतानुसार उपचार कर दवाइयाँ भी नि:शुल्क दी जा रही हैं। चिकित्सालय में औसतन अस्सी मरीज देखे जा रहे हैं। 
         शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा करते हुए मानवीय संवेदनाओं को जगाने के प्रयास एवं मानवसेवा और प्राकृतिक आपदा के निवारण के लिए गायत्री परिवार सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों का सहयोग सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। ताकि उनकी पीड़ा को कुछ कम किया जा सकें। इस बीच शांतिकुंज आपदा नियंत्रण कक्ष में नित्य कई- कई बार डॉ. प्रणव पण्ड्या अपने सहयोगियों के साथ बैठक ले रहे हैं एवं सेवा कार्य में जुटे राहत दलों के साथ निरंतर सम्पर्क में हैं। 
        शांतिकुंज आपदा राहत शिविर प्रमुख श्री गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि बुधवार को अगस्त्यमुनिसोमश्रीविजयनगरकैला चखुलीलाहोरीफलारीसिथाऊ, पुराना देवालजहावर नगर, तेदनगरअमोथासौरीगदनी गाँव, भटवारी चंद, रापुरीचंद्रापुरी सहित १६ दुर्गम गाँवों में शांतिकुंज के राहत दल द्वारा भोजन किटबाँटा गया। राहत दल का बेस कैम्प सोमारी जनपद उत्तरकाशी से  से १० किमी पैदल चलकर ग्रामीणों को भोजनादि बाँटे। दल ने लोगों को उनके परिवारिक सदस्य चार व्यक्ति पर एक किट दिया। वहीं जिस परिवार में चार से अधिक लोग हैं, उन्हें दो किट नि:शुल्क प्रदान किये। उन्होंने बताया कि एक किट में आटा व चॉवल किग्रा, दाल  किग्रा, तेल  किग्रा, दूध पॉवडर  किग्रा, नमक  किग्रा, चीनी  किग्रा, चायपत्ती, मोमबत्ती आदि सामग्री शामिल है। इसके अलावा किट में सूखानास्ता में बिस्कुट, नमकीन, पानी बोतल भी है। 
     वहीं डीआरएम मुरादाबाद मंडल मनोज कुमार शर्मा ने भी बाढ़ पीड़ितों के सहयोग के मद्देनजर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने मिलकर रेलवे की ओर से की जा रही सेवा की जानकारी दी और कहा कि जिस प्रकार शांतिकुंज ने बाढ़ पीड़ितों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने की सुनियोजित ढंग से व्यवस्था बनाई है, इससे हरिद्वार अतिरिक्त भार से कुछ बच गया। शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री शर्मा ने बताया कि मप्र, गुजरात व राजस्थान सरकार ने अपने- अपने परिजनों को उनके गंतव्य स्थान तक भिजवाने हेतु हवाई जहाज, बस आदि की नि:शुल्क व्यवस्था की है। इससे बाढ़ पीड़ितों को काफी सुविधा हुई। उन्होंने बताया कि अब तक शांतिकुंजआपदा राहत शिविर में पाँच हजार से अधिक पीड़ितों ने आश्रय लिया एवं उन्हें उनकी आवश्यकतानुसार भोजन, आवास, दवाइयाँ एवं आर्थिक सहयोग भी दिया गया। ज्ञात हो कि दिल दहलाने वाली इस भयंकर त्रासदी में शांतिकुंज ने बेहतरीन पहल करते हुए ४८ घंटे के अंदर ही बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में बचाव तथा राहत कार्य प्रारंभ कर दिया था।

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