Published on 2018-03-24
img

हरिद्वार २३ मार्च।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि परिवर्तन ही प्रकृति का आधार है और जो साधक इन परिवर्तनों को प्रत्येक परिस्थिति में शरीर, मन, भावनाओं से एकाग्र एवं दृढ़ता पूर्वक समभाव रहकर सहन करता है वह तितिक्षा रुपी संपत्ति का स्वामी बन जाता है।

डॉ. पण्ड्याजी देसंविवि के मृत्युंजय सभागार में आयोजित सत्संग में नवरात्र साधना में जुटे युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तप- साधना करने से तितिक्षा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि तितिक्षा का मूल गुण- शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्तरों पर सकारात्मक रूप से रूपांतरण लाती है। रामचरित मानस का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भरत ने प्रभु श्रीराम के प्रति स्वयं को समर्पित कर तितिक्षा पूर्ण जीवन व्यतीत किया। भक्त प्रहलाद ने तितिक्षा की कसौटी में बँधकर साधना की।

कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि मोहग्रस्त व्यक्ति किसी के सुख- दुःख को समझ नहीं पाता। जब हम मोह में फंसते हैं तब चाहे कितनी भी पूजा पाठ कर लें, वह व्यर्थ ही जाती है, क्योंकि हम पूर्णतः समर्पित नहीं हो पाते। मोह में हम अनीति को भी बर्दाश्त कर लेते हैं और भ्रम में जीने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सबल गुरु के संरक्षण में मनोयोगपूर्वक की साधना से मोह कम होता है और आत्म उन्नति होती है। कुलाधिपति डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि केवल माला जपने से साधना पूरी नहीं होती, वरन् उसके भाव का चिंतन, मनन व जीवन में उतारने से समुचित फल मिलता है।

इससे पूर्व संगीत के भाइयों लने 'किये मंत्र जप माला फेरी, पूजन आठों याम का.........' संगीत से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर देसंविवि, शांतिकुंज व ब्रह्मवर्चस शोध परिवार के अलावा देश- विदेश से आये सैकड़ों साधक उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

देसंविवि व केजीएमयू, लखनऊ के बीच हुआ समझौता

11 सूत्रीय कार्यों पर दोनों संस्थान मिलकर करेंगे सेमीनार व शोध कार्य हरिद्वार 10 दिसम्बर।हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय प्रगति के नये-नये आयाम के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत के अलावा दुनिया के अठ्ठारह देशों के पचास से अधिक शैक्षणिक.....

img

देसंविवि व केजीएमयू, लखनऊ के बीच हुआ समझौता

11 सूत्रीय कार्यों पर दोनों संस्थान मिलकर करेंगे सेमीनार व शोध कार्य हरिद्वार 10 दिसम्बर।हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय प्रगति के नये-नये आयाम के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत के अलावा दुनिया के अठ्ठारह देशों के पचास से अधिक शैक्षणिक.....

img

गायत्री विद्यापीठ का आईटी ओलम्पियाड में 8वाँ स्थान

उत्तराखंड का एकमात्र छात्र देवस्य को मिला उत्कृष्टता पुरस्कार, श्रद्धेया शैलदीदी ने दिया आशीर्वाद हरिद्वार 8 दिसम्बर।देश के प्रतिष्ठित चैम्पियनशिप आईटी ओलम्पियाड में गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज ने ओवरऑल 8वाँ स्थान प्राप्त कर हरिद्वार के साथ ही देवभूमि उत्तराखण्ड का नाम रोशन.....