Published on 2018-03-16

खम्मम नगर 16 मार्च 2018
गायत्री परिवार के जिला समन्वयक श्री बालकृष्ण चौधरी जी ने अपने घर पर ही प्रमुख सक्रिय कार्यकर्त्ताओं को प्रातः 8:00 बजे बुलाया। सभी को अश्वमेध मंगलगिरि का धन्यवाद ज्ञापन किया। 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ खम्मम में करने का संकल्प श्री बालकृष्ण चौधरी, श्री रघुराम जी, श्री लक्ष्मण जी, श्री हलधर बलराम, श्री वेंकैय्या जी आदि परिजनों ने लिया। कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण शिविर भी करने की योजना बनाई।

दोपहर में खम्मम नगर से दूर अग्रहारम ग्राम में नूतन निर्माणाधीन गायत्री माता मन्दिर का निरीक्षण किया। श्री मल्लिकार्जुन राव जी की 7 वर्ष की छोटी पुत्री दो वर्ष पूर्व स्वास्थय खराब होने की वजह से देहावसान हो गया था। उस समय माँ और पिता की मानसिक स्थिति अच्छी न होने के कारण गयात्री परिवार के परिजनों ने एक लघु अनुष्ठान करने को कहा तो दोनों मिलकर गायत्री शक्ति पीठ नाराकोडूरु में नौ दिन साधना कर गुरुवार के साहित्य का स्वाध्याय किया। जिससे इन लोगों को जीवन का उद्देश्य समझ में आया और सामान्य जीवन क्रम का शुभारम्भ किया। तब से गयात्री परिवार का कार्य कर रहे हैं। अपने गाँव के आस-पास 10 गाँवों में मिशन की गतिविधियाँ चला रहे हैं। अब अपनी छोटी बेटी की स्मृति में, अपनी आधा एकड़ जमीन में गौशाला और गायत्री माता मन्दिर बना कर जन-जागरण के पावन कार्य करने का मन बनाया है।

8 मार्च को भूमि का पूजन विधि-विधान से कर 16 मार्च से निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया। शान्तिकुञ्ज के मार्गदर्शन में गायत्री शक्ति पीठ का निर्माण और सञ्चालन चल रहा है।


Write Your Comments Here:


img

11 जनवरी, देहरादून। उत्तराखंड ।

दिनांक 11 जनवरी 2020 की तारीख में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी देहरादून स्थित ओएनजीसी ऑडिटोरियम में उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 कार्यक्रम में देहरादून पहुंचे जहां पर उन्होंने उत्तराखंड राज्य के विभिन्न.....

img

ज्ञानदीक्षा समारोह में लिथुआनिया सहित देश के 12 राज्यों के नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जो आचरण से शिक्षा दें वही आचार्य है और ऐसे आचार्यगण ही विद्यार्थियों को चरित्रवान बना सकते हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जिस तरह चाणक्य ने अपने ज्ञान व.....

img

ञानदीक्षा समारोह में लिथुआनिया सहित देश के 12 राज्यों के नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जो आचरण से शिक्षा दें वही आचार्य है और ऐसे आचार्यगण ही विद्यार्थियों को चरित्रवान बना सकते हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जिस तरह चाणक्य ने अपने ज्ञान व.....