Published on 2018-04-28
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अयोध्या : रविवार को अभियान चलाकर मां सीता के प्राकट्योत्सव की पूर्व बेला में उनके नाम के कुंड की सफाई की गई। अयोध्या एडवर्ड तीर्थ विवेचनीसभा एवं हनुमत जन जागरण सेवा समिति से जुड़े चार दर्जन से अधिक स्वयंसेवी भोर से सीताकुंड की सफाई में जुटे। विवेचनी सभा के अध्यक्ष एवं रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमारदास की अध्यक्षता तथा विवेचनी सभा के महासचिव एवं नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास के संयोजन में स्वयंसेवियों ने श्रमदान से पूर्व मां सीता की विरासत के वाहक कुंड की पूजा-प्रार्थना की। तदुपरांत सफाई अभियान की शुरुआत हुई।
स्वयंसेवियों ने करीब तीन घंटे तक युद्धस्तर पर कुंड के घाटों को साफ किया। करीब दो ट्राली कचरा निकाला और तीन ओर के घाटों को स्वच्छ किया। हालांकि अभियान के संवाहक इतने मात्र से संतुष्ट नहीं हुए। विवेचनी सभा के अध्यक्ष एवं महासचिव ने विकास प्राधिकरण प्रशासन से मांग की कि सीताकुंड की परिपूर्ण बैरीके¨डग की जाय, ताकि कुंड के पानी से लेकर घाट छुट्टा मवेशियों के अतिक्रमण से मुक्त हो। कुंड के पानी से काई, कचरा, पॉलीथिन, बोतलें आदि निकलवाई जायं। कुंड से ही लगी एक अन्य पौराणिक स्थल अशोक वाटिका में नाम के अनुरूप पौधरोपण सुनिश्चित हो एवं कुंड में गिरतीं आस-पास के घरों की नालियों को बंद कराया जाय। श्रमदान में आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशिकांतदास, हनुमानध्यानभवन के महंत पवनकुमारदास, पुजारी अजय तिवारी, हनुमत जनजागरण समिति से जुड़े विनोद मिश्र, अलख पांडेय, सरदार हरदीप ¨सह, सौरभ अग्रवाल, सुरेश अरोड़ा, आनंद अग्रवाल, लल्लू पहलवान, रमेश पांडेय रंगीले, पद्माकर पांडेय, शिवभोला ¨सह, रामप्रकाश ¨सह, अनिल पांडेय, विजय तिवारी, अभिलाष शुक्ल, दीनानाथ मिश्र, संतोष मिश्र आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। दो वर्ष पूर्व राजकुमार दास एवं महंत रामदास के संयोजन में सीताकुंड की सफाई महीनों श्रमदान से की गई थी। श्रमदान में हनुमानगढ़ी से जुड़े शीर्ष महंत ज्ञानदास भी अपने सहयोगी संतों के साथ शामिल हुए थे। हालांकि स्वच्छता की ठोस योजना और उचित देख-रेख के अभाव में सीताकुंड पर हुए श्रमदान से न्याय नहीं हो सका। मां सीता का प्राकट्योत्सव सोमवार को है। राजकुमारदास, महंत रामदास, महंत शशिकांतदास जैसे संतों का मानना है कि मां सीता की विरासत का वाहक का कुंड श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए लुभावन साबित हो सके। पौराणिक मान्यता के अनुसार त्रेता में मां सीता भगवान राम के साथ यहां आमोद-प्रमोद के लिए आया करती थीं।
गायत्री परिवार के संयोजन में निर्मल गंगा जनअभियान के तहत पुण्यसलिला सरयू के संत तुलसीदासघाट की भी रविवार को सफाई की गई। इस अभियान का भी नेतृत्व राजकुमारदास, महंत रामदास एवं शशिकांतदास ने किया। गायत्री परिवार के अभियान में डॉ. एसबी ¨सह, आरपी ¨सह, मनीराम वर्मा, केके गुप्त, डीएन यादव, विनोद ¨सह, सुनील, अजय धवन, कलावती ¨सह, मधु ¨सह, राजबली तिवारी, रामयज्ञ दुबे आदि सौ से अधिक पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए। अभियान का समापन रमाकांत पांडेय एवं जीएस पांडेय के मार्गदर्शन में संचालित सरयू पूजन एवं दीपदान से हुआ।


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