युवा प्रकोष्ठ, बिहार द्वारा सम्पन्न गतिविधियाँ

Published on 2018-04-30

अप्रैल माह के पांचवे सप्ताह के दौरान प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार द्वारा, सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर, संगीत का कार्यक्रम, युवाओं का विशेष उद्बोधन एवं श्रीराम बाल संस्कारशाला भ्रमण का कार्य किया गया। इन कार्यक्रमों के विस्तृत इस प्रकार है:-

सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर
२९ अप्रैल २०१८ के साप्ताहिक सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर के प्रातः कालीन सत्र में लगभग ८८६ युवाओं की उपस्थिति रही, जिसमें ५१ युवा नये थे। सभी युवाओं ने सामूहिक रूप से साधना एवं प्रार्थना करते हुए सद्विचारों का आत्मसात किया। आज के ही संध्याकालीन सत्र (५:०० बजे से ७:०० बजे) में यथावत चला जिसमें १०८५ युवाओं की उपस्थिती रही, इसमें ८५ युवा नये थे।

संगीत का कार्यक्रम:
समूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर के बाद एक संगीत "हमें शक्ति दो माँ हमें भक्ति दो माँ ...." श्री आदर्श जी के द्वारा गाया गया। वहीं शाम की सभा में एक संगीत
"निव के पत्थरों, यह मिशन का भवन......" बालसंस्कारशाला की छात्रा खुशबू कुमारी के द्वारा गाया गया।

युवाओं का विशेष उद्बोधन:

युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि श्री अभिषेक कुमार जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में नकारात्मक बातों से बचने का प्रयास करना चाहिए फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहना चाहिए जीवन में कष्ट आएगा तो भी हमें अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए वहीं शाम की सभा में उन्होने कहा कि हमें अपने अंदर की शक्तियों को पहचानना और उसका सही सदुपयोग करना चाहिए। कठिनाइयाँ मनुष्य के जीवन की प्रतिभा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इनके बाद श्री निशांत रंजन जी ने कहा कि युवाओं के जीवन में अध्यात्म का समावेश होना चाहिए, जीवन में हमें हमेशा विनम्रता से जीने का प्रयास करना चाहिए हमारे जीवन में गायत्री मंत्र का जप करने से बहुत ही परिवर्तन होता है सफलता का पैमाना सिर्फ रोटी ही नहीं जीवन जीने की कला भी होनी चाहिए। वहीं शाम की सभा में उन्होने कहा कि अध्यात्म का समावेश जब हमारे जीवन में होता है तो हमें गलत और सही की पहचान की शक्ति प्राप्त होती है।

इनके बाद श्री मनीष कुमार जी ने कहा कि सफलता के लिए स्वंय को बनाना पड़ता हैं जीवन में कोई भी काम प्रसन्नता से करना चाहिए तभी हमें उस कार्य में सफलता मिलती हैं वहीं शाम की सभा में उन्होने कहा कि पैसे से इंसान सुखी नहीं हो सकता है सुख तो उसके अंदर है जिसे पहचानने की आवश्यता है।

श्रीराम बालसंस्कारशाला

प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ पटना (बिहार) के द्वारा चलाये जा रहे श्रीराम बालसंस्कारशाला भ्रमण करने युवा प्रकोष्ठ की मीडिया टीम कल २८ अप्रैल २०१८ (शनिवार) को श्रीराम बालसंस्कारशाला घघाघाट (महेंद्रु) और रूपसपुर करने गयी थी। उन्होनें वहाँ पढ़ रहे क्रमशः ४१ एवं २५ बच्चों और क्रमशः ०७ एवं ०६ समयदानी आचार्यों से मुलाक़ात की और उनका अनुभव जाना।

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