ग्रांड मास्टर ऑफ योगा प्रतियोगिता में छाये देसंविवि के विद्यार्थी

Published on 2018-05-10

ग्रांड मास्टर ऑफ योगा प्रतियोगिता में छाये देसंविवि के विद्यार्थी

१३ राज्यों के प्रतिभागियों को पछाड कर प्रथम व तृतीय रहे

हरिद्वार, १० मई।


प्रगति मैदान दिल्ली में आयोजित ग्रांड मास्टर ऑफ योगा प्रतियोगिता में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्र्रदर्शन करते हुए देवभूमि का नाम एक बार पुनः रोशन किया। १३ राज्यों के ६५ प्रतिभागियों को पछाडकर देसंविवि के छात्र रुपेश कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, तो वहीं छात्रा श्वेता मलिक ने तृतीय स्थान पर योग के क्षेत्र देवभूमि का लोहा मनवाया। यह पहला मौका है जब ग्रांड मास्टर ऑफ योगा प्रतियोगिता में देसंविवि ने प्रथम व तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान पर रहे छात्र रुपेश कुमार को एक लाख एक हजार रुपये तथा तृतीय स्थान पर रही श्वेता मलिक को तीस हजार रुपये का चैक देकर नमो गंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने सम्मानित किया।

प्रतियोगिता से लौटे विद्यार्थियों ने देसंविवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं संरक्षिका श्रद्धेया शैलदीदी से भेंटकर आशीर्वाद लिया एवं भविष्य के कार्यक्रमों के लिए मार्गदर्शन। इस अवसर पर कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने कहा कि देसंविवि में विवि के कुलपिता युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के स्वर्णिम सूत्रों पर आधारित योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। विवि में पढ़ाई के अलावा जीवन मूल्यों पर आधारित विभिन्न गतिविधियों पर भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाता है। यही कारण है कि यहाँ के अनेक विद्यार्थियों ने योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने विद्यार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के वातावरण में छात्रों का समग्र विकास होता है जिससे उनकी बहुमुखी प्रतिभा जीवन के हर आयाम को उच्च बनाती है।

योगा विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश वर्णवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम नमो गंगा ट्रस्ट एवं ऑल इंडिया काउन्सिल ऑफ फिजीकल एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में कराया गया था। कार्यक्रम को आयुष मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, योगशाला, परिधि, पंचकर्मा आरोग्य, दैनिक जागरण, फिल्म फेस्टिवल, वेधशाला सहित अनेक संस्थाओं ने समर्थन प्रदान किया।

योग विभाग के कोच डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि यह प्रतियोगिता चार चरण में हुआ। प्रथम चरण में योग प्रदर्शन, द्वितीय में योग पर भाषण, तृतीय में योग सहित विभिन्न आर्ष ग्रंथों पर साक्षात्कार एवं अंतिम चरण में पुनः योग के कठिन आसनों का प्रदर्शन रहा। इन सभी में विवि के रुपेश कुमार व श्वेता मलिक ने धैर्य एवं आत्म विश्वास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वापस लौटने पर विवि प्रशासन ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी।


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