युवा प्रकोष्ठ, बिहार द्वारा सम्पन्न गतिविधियाँ

Published on 2018-05-14

मई माह के दूसरे सप्ताह के दौरान प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार द्वारा, डॉ० रवीद्रनाथ पाण्डे (MBBS, MS, पटना), सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर, संगीत का कार्यक्रम,  युवाओं का विशेष उद्बोधन एवं श्रीराम बाल संस्कारशाला भ्रमण का कार्य किया गया। इन कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट इस प्रकार है:-
१: डॉ० रवीद्रनाथ पाण्डे (MBBS, MS पटना)आज शाम कि सभा में डॉ० रवीद्रनाथ पाण्डे (MBBS, MS पटना) जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा देश युवायों का देश है और युवा ही देश बदल को सकते है। हमारा देश हाल ही में पोलियो मुक्त हुआ है लेकिन इसमें और सुधार कि जरूरत है।

२: सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर की रिपोर्ट:
आज १३ मई २०१८ के साप्ताहिक सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर के प्रातःकालीन सत्र में लगभग ६३० युवाओं की उपस्थिति रही, जिसमें ४५ युवा नये थे।
सभी युवाओं ने सामूहिक रूप से साधना एवं प्रार्थना करते हुए सद्विचारों का आत्मसात किया। आज के ही सांध्यकालीन सत्र शाम (५:०० बजे से ७:०० बजे) तक चला जिसमें लगभग १२०० युवाओं कि उपस्थिती रही जिसमें लगभग ८४ युवा नए थे।

३: संगीत का कार्यक्रम:सामूहिक ध्यान एवं प्रार्थना के बाद होने वाले संगीत सत्र में एक संगीत 'च्किसी के दामन फूल भरे किसी के दामन कांटे....' श्री सचिन जी के द्वारा गाया गया।

४: युवाओं का विशेष उद्बोधनइनके बाद श्री राजीव रंजन जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप के दैनिक जीवन में साधना का समावेश नहीं है तो आप आज के युग में सुखी नहीं रह सकते है। साधना हमारी मानसिक, शारीरिक और वैचारिक भावना को पवित्र करती है। साधना हमे शांति और मित्रता से रहना सिखाता है।

इनके बाद श्री अभिषेक कुमार जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ अगर आप कार्य करेंगे तो आप सफल हो जाएगे अगर आप के जीवन में शुद्धता है तो आप के जीवन में कष्ट कभी नहीं आएगा। हरेक काम को जुनून के साथ करें आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। वहीं शाम कि सभा में उन्होने कहा कि संस्कारवान मनुष्य हीं गुणवान होता है। वर्तमान समय में ऐसा कोई भी मनुष्य नहीं है जिसके जीवन में कोई समस्या नहीं है।

इनके बाद श्री निशांत रंजनजी ने कहा कि ज़िंदगी में सबका नजरिया अलग- अलग होता है। जो हमारे कर्मो को ठीक कर दे वही हमारा धर्म है। हरेक व्यक्ति का सोंच सकारात्मक होना चाहिए तभी हम सफल हों सकते है।

इनके बाद युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि श्री सुशील जी (Australia SBI Bank P.O.) ने अपने सम्बोधन में कहा कि जो भौतिकता कि ओर भागता है उससे आध्यात्मिकता बहुत दूर चली जाती है। परिस्थितियों को दोष मत दो अपनी गलती को स्वीकार करो और उससे सीखने कि कोशिश करो। दूसरे के साथ वैसा काम नहीं करनी चाहिए जो आप को अपने लिए पसंद ना हो।

इनके बाद युवा प्रकोष्ठ के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री मनीष जी ने कहा कि संवेदनशीलता के बिना मनुष्य जानवर कि तरह व्यवहार करता है। हमें अपने आप को मनुष्य बनाने का प्रयत्न करना चाहिए अगर आप इसमें सफल हो गए तो आपको हर काम में सफलता मिलेगी। वहीं शाम कि सभा में कहा कि युवा कि पहचान उसके कर्मो से होती है न कि कपड़े से।

५. श्रीराम बालसंस्कारशाला की रिपोर्ट
प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ पटना (बिहार) के द्वारा चलाये जा रहे श्रीराम बालसंस्कारशाला भ्रमण करने युवा प्रकोष्ठ की मीडिया टीम कल १२ मई २०१८ (शनिवार) को श्रीराम बालसंस्कारशाला साई मंदिर त्रिपोलिया करने गयी थी। उन्होनें वहाँ पढ़ रहे क्रमशः ८६ बच्चों और ११ समयदानी आचार्यों से मुलाक़ात की और उनका अनुभव जाना।

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