Published on 2018-05-18

मई माह के प्रथम सप्ताह के दौरान प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ बिहार द्वारा, समस्तीपुर में youth Expo का आयोजन, सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर, संगीत का कार्यक्रम,  युवाओं का विशेष उद्बोधन एवं श्रीराम बाल संस्कारशाला भ्रमण का कार्य किया गया। इन कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट इस प्रकार है:-

समस्तीपुर में youth Expo का आयोजन

आज ०६ मई २०१८ को समस्तीपुर में यूथ एक्स्पो का आयोजन किया गया जिसमें लगभग ५ हजार युवाओं की उपस्थिती रही। इस कार्यक्रम का शुभारंभ ४ बजे से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। साप्ताहिक सामूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर के प्रातः कालीन सत्र में लगभग ५६५ युवाओं की उपस्थिति रही, जिसमें ४५ युवा नये थे। सभी युवाओं ने सामूहिक रूप से साधना एवं प्रार्थना करते हुए सद्विचारों का आत्मसात किया। आज के ही संध्याकालीन सत्र (५:०० बजे से ७:०० बजे) में यथावत चला जिसमें १०७५ युवाओं की उपस्थिती रही, इसमें ८१ युवा नये थे।

समूहिक साधना एवं प्रार्थना शिविर के बाद एक संगीत "माँ बाप से बढ़कर जग में कोई दूजा नहीं खजाना...." श्री शशि कुमार जी के द्वारा गाया गया।  युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि श्री विकाश कुमार जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमलोगों को अपने जीवन में साधना का समावेश करना आवश्यक है, क्योंकि साधना के द्वारा ही हमारी आंतरिक क्षमता का विकाश होता है। वहीं शाम की सभा में उन्होने कहा कि व्यक्तित्व का विकास करने के  लिए हमें अच्छे लोगो से प्रेरणा लेना चाहिए। मुस्कुराते हुए व्यक्ति हमेशा आत्मविश्वास से भरा होता है।

इनके बाद श्री राजीव रंजन जी ने कहा कि मनुष्य को संघर्ष करने से कभी भागना नहीं चाहिए। जो संधर्ष करता है उसके अंदर की प्रतिभा का विकाश होता हैं। यदि हम कोई कार्य करते है तो हमें यह कोशिश करना चाहिए की उस कार्य के प्रति हमारा सोच सकारात्मक हो तब हम उस कार्य को बहुत ही सरल ढंग से कर सकते हैं। वहीं शाम की सभा में उन्होने कहा कि तकनीक के वजह से दुनिया में रिस्ते नजदीक नहीं बल्कि दूर जाते हैं। हमें दूसरों के साथ-साथ खुद से  भी प्यार करना चाहिए। इनके बाद श्री अभिषेक कुमार जी ने कहा कि मनुष्य को कोई भी कार्य करने के लिए आत्मबल का होना आवश्यक है और इसे मजबूत करने के लिए एक ही ऊपाय है वह है "ध्यान" अगर हम नियमित रूप से ध्यान करते है तो हमारा आत्मबल अपने आप ही विकसित होते चला जाता है और इसका सही रूप से उपयोग करके हम कोई भी कार्य सफलता पूर्वक कर सकते हैं। वहीं शाम की सभा में उन्होने कहा कि रोते हुए व्यक्ति के जीवन में हंसी ला देना मानवता का परिचय है।  

प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ पटना (बिहार) के द्वारा चलाये जा रहे श्रीराम बालसंस्कारशाला भ्रमण करने युवा प्रकोष्ठ की मीडिया टीम कल ०५ मई २०१८ (शनिवार) को श्रीराम बालसंस्कारशाला राजेंद्र नगर टेर्मिनल करने गयी थी। उन्होनें वहाँ पढ़ रहे क्रमशः २९ बच्चों और ०६ समयदानी आचार्यों से मुलाक़ात की और उनका अनुभव जाना।


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