शांतिकुंज ने निकाली नशा विरोधी रैली

Published on 2018-05-31

हरिद्वार ३१ मई।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शांतिकुंज के सैकड़ों पीतवस्त्रधारी भाई- बहिनों ने नशा विरोधी रैली निकाली। यह रैली शांतिकुंज के गेट नं ३ से प्रारंभ हुई।
व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, डॉ. ओपी शर्मा, देसंविवि के कुलपति श्री शरद पारधी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली हरिपुर कलॉ, सप्तसरोवर क्षेत्र होते हुए शांतिकुंज गेट एक से प्रवेश किया।

नशा नाश का जड़ है भाई- छोड़ें तभी जीवन बनेगा सुखदाई, नशा से है बचना- सुनो भाई मेरा कहना जैसे प्ररेणाप्रद नारों से पीतवस्त्रधारी साधकों ने जन जागरण करते रैली निकाली। इस दौरान तंबाकू से होने वाली विभिन्न बीमारियों एवं नशा के दुष्परिणाम जैसे पत्रकों के माध्यम से लोगों में जागरुकता फैलायी। पश्चात रैली युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य जी की पावन समाधि स्थल पर पहुंची, जहाँ यह सभा में परिवर्तित हो गयी।

इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र ने तंबाकु से युवापीढ़ी को बचाने की अपील की। श्री मिश्र ने कहा कि तंबाकू का सेवन फैशन का रूप ले लिया है, जबकि यह एक जानलेवा बीमारी को आमंत्रण देना जैसा कार्य है। उन्होंने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा हरिद्वार सहित भारत में व्यसन मुक्ति रैली तथा नशा मुक्त भारत बनाने हेतु मानव शृंखला बनाई गयी। शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री कालीचरण शर्मा ने कहा कि नशा (दुर्व्यसन) करना छलनी में दूध दुहना जैसा है। तंबाकू कैंसर आदि जैसी भयावह बीमारियों की जड़ है। उन्होंने कहा कि दुर्व्यसन से तन, मन व धन का नुकसान होता है। दुर्व्यसन से बचेंगे, तभी तन के साथ मन की स्वस्थ रहेगा। इस अवसर पर शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्ता, विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में देश के कोने- कोने से आये गायत्री साधक उपस्थित रहे।


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