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जगन्नाथ पुरी (ओडिशा)
       पुरी की सुप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के समय में गायत्री परिवार के लगभग 150 स्वयंसेवकों ने 9 दिनों तक चलने वाले मेले में विशेष श्रमदान करते हुए प्रशासन और जागरूक भक्तों का दिल जीत लिया। परिजनों ने आरंभ में भगवान जगन्नाथ को मंदिर से ले जाकर रथ में प्रतिष्ठित करने वाले पूरे मार्ग और मंदिर क्षेत्र को फिनाइल आदि कीटनाशकों से धुलाई कर और फिर चूना डालकर साफ किया। इसके बाद आनंद बाजार, जहाँ भगवान जगन्नाथ की नित्य पूजा, आरती, कथा होती थी, वहाँ की नित्य सफाई का जिम्मा भी गायत्री परिवार ने ही लिया था। 20-20 की टोली बनाकर शिफ्टों में वे पूरे क्षेत्र की सफाई करते रहे। रथयात्रा की वापसी और समापन के बाद पूरे छ: किलोमीटर के यात्रा मार्ग की सफाई गायत्री परिवार द्वार की गयी। उस अभियान में 20 से 30 ट्रक चप्पल-जूते, पानी के पाउच एवं अन्यान्य गंदगी उन्होंने साफ की। नगर प्रशासन ने माना कि ऐसी सफाई तो नगर पालिका के कर्मचारी कई दिन में भी नहीं कर पाते थे। आखिर गायत्री परिवार के लिए यह काम नहीं, ईश्वर भक्ति ही थी, जिससे हजारों लोगों ने प्रेरणा ली होगी। यदि सेवा-स्वच्छता का यह भाव भगवान जगन्नाथ के भक्तों के जीवन में उतरा होगा, तो उनकी भक्ति और गायत्री परिवार का यह विशेष अभियान नि:संदेह सफल माना जायेगा।
         इस सफाई अभियान का नेतृत्व भुवनेश्वर उपजोन के नैष्ठिïक कार्यकर्ता श्री बालकृष्ण पंडा, श्री जगदीश प्रसाद दाश एवं श्री सूर्यनाथ मिश्र ने किया। पूरा अभियान बहुत ही व्यवस्थित रूप से चला। इस वर्ष छत्तीसगढ़ उपजोन के वरिष्ठ कार्यकत्र्ता डॉ. अरुण मढ़रिया ने आयोजकों से चर्चा की है और अगले वर्ष स्वच्छता अभियान को और बड़े स्तर पर चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान में छत्तीसगढ़-ओडिशा दोनों प्रांतों के कार्यकत्र्ता शामिल होंगे।
        महाराज गजपति जी ने उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा किसमाज सेवा के प्रति यह आस्था का अंदाज उन्हें नहीं था।  


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