Published on 2018-06-05
img

१५४ आँगनबाड़ी केन्द्रों की दीदी एवं सखियों को गर्भ संस्कार का प्रशिक्षण दे रही हैं दिया, मुम्बई की बहिनें

मुम्बई। महाराष्ट्रगर्भ संस्कार अभियान के लिए समर्पित नागपुर निवासी दम्पती श्रीमती उमा शर्मा और श्री सुभाष शर्मा की मुम्बई में उपस्थिति का दिया, मुम्बई की महिला इकाई ने भरपूर लाभ उठाया। भावना कतिरा, कविता अल्वा, श्रद्धा साहू, मिनल पोपट, जयश्री शिम्पी, डॉ. वरुण मानेक, डॉ. अनिता शरण, श्रीमती रेखा कौल, डॉ. कविता मानेक एवं दिया की महिला इकाई की बहिनों ने संगठित होकर सुनियोजित अभियान चलाया। अस्पतालों, स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक पुुंसवन संस्कारों के आयोजन हुए, जिन्हें जनजागरूकता कार्यशालाओं जैसा स्वरूप भी दिया गया। अनेक वैज्ञानिक, शोधकर्त्ता, चिकित्सक और समाजसेवी सम्पर्क में आये, गर्भ संस्कार की वैज्ञानिकता और प्रभाव से परिचित हुए तो लोकप्रियता बढ़ती गई।
गर्भ संस्कार अभियान को बड़ी सफलता तब मिली जब आँगनबाड़ी चेंबुर और वाशी नाका की सुपरवाइज़र श्रीमती स्वाती थोमारे सम्पर्क में आर्इं। उन्होंने बच्चों के व्यक्तित्व विकास में गर्भ संस्कार की वैज्ञानिकता को समझते हुए अपने अधीनस्थ १०० आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को जून में प्रशिक्षण देने का अनुरोध दिया, मुम्बई से किया।

भावना कतिरा, किरन श्रीवास्तव और मिथिलेश तिवारी ने घाटकोपर केन्द्र की आँगनबाड़ी सुपरवाइज़र सुश्री वैशाली खोपले एवं सुश्री सरिता कोकने से संपर्क किया। सुश्री लीना मेढलेकर, सीमा भावसार, दक्षता चतुर मुलुण्ड आँगनबाड़ी केन्द्र पहुँचीं। जहाँ भी संपर्क हुआ, सभी इस प्रशिक्षण के लिए सहर्ष तैयार हो गर्इं। परिणाम स्वरूप १५४ आँगनबाड़ी केन्द्रों की दीदी/सखियों को प्रशिक्षित करने का आमंत्रण गायत्री परिवार को मिला है। श्री जतिन दवे के अनुसार वे केवल गर्भ संस्कार ही नहीं, पुंसवन, अन्नप्राशन, विद्यारंभ संस्कारों की विधि और वैज्ञानिकता को भी सीखना चाहती हैं जो ६ वर्ष तक के बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं, जो उन दीदी/सखियों की जिम्मेदारी है।


Write Your Comments Here:


img

युग निर्माण हेतु भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों की आवश्यकता जिसकी आधारशिला है भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा -शांतिकुंज प्रतिनिधि आ.रामयश तिवारी जी

वाराणसी व मऊ उपजोन की *संगोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ,लंका,वाराणसी के पावन प्रांगण में संपन्न* हुई।जहां ज्ञान गंगा की गंगोत्री,*महाकाल का घोंसला,मानव गढ़ने की टकसाल एवं हम सभी के प्राण का केंद्र अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज,हरिद्वार* से पधारे युगऋषि के अग्रज.....

img

Yoga Day celebration

Yoga day celebration in Dharampur taluka district ValsadGaytri pariwar Dharampur.....

img

गर्भवती महिलाओं की हुई गोद भराई और पुंसवन संस्कार

*वाराणसी* । गर्भवती महिलाओं व भावी संतान को स्वस्थ व संस्कारवान बनाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद व *गायत्री शक्तिपीठ नगवां लंका वाराणसी* के सहयोग से पुंसवन संस्कार एवं गोद भराई कार्यक्रम संपन्न हुआ। बड़ी पियरी स्थित.....