शांतिकुंज ने किया प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध शंखनाद

Published on 2018-06-05

गायत्री विद्यापीठ के बच्चों ने दी 'सेव ट्री' का संदेश

हरिद्वार, ५ जून।

शांतिकुंज में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी एवं वरिष्ठ जनों ने सफेद चंदन के पौधा रोपे। यूं तो गायत्री परिवार के लाखों लोगों ने पिछले कई वर्षों से वृक्षगंगा अभियान के तहत वृहत स्तर पर वृक्षारोपण के कार्य में जुटे हैं। वहीं गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने 'सेव ट्री' का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

शांतिकुंज के मुख्य सभागार में आयोजित 'पर्यावरण संरक्षण संदेश संध्या' को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि गायत्री परिवार का वृक्षगंगा अभियान एक अनूठा अभियान है। यह सिर्फ पेड़ लगाने का अभियान मात्र नहीं है वरन् पर्यावरण के हितैषी वृक्ष लगाना एवं उनका पूरा संरक्षण इसकी विशेषता है। इसमें जन- जन की भागीदारी होनी चाहिए। प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध शंखनाद करते हुए डॉ पण्ड्याजी ने कहा कि पूरे देश में प्लास्टिक (पोलीथिन) पर प्रतिबंध करने का गायत्री परिवार समर्थन करता है। शांतिकुंज व इससे जुड़ी सभी संस्थाओं में प्लास्टिक (पोलीथिन) प्रतिबंधित है। साथ ही जल संरक्षण पर व्यापक स्तर पर प्रयोग किये जाने की भी उनने बात कही। वर्षा जल एवं प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त जल की रक्षा की उनने वकालत की।

इस अवसर पर शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री कालीचरण शर्मा ने विश्व पर्यावरण दिवस की रूपरेखा के साथ बढ़ती समस्याओं की ओर इंगित किया। इस दौरान गायत्री परिवार प्रमुख डॉ पण्ड्याजी ने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्पित कराते हुए पौधे वितरित किये।

रचनात्मक प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री केदार प्रसाद दुबे के अनुसार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया प्रयोग आरंभ किया गया, जिसके अंतर्गत गांवों के आसपास वीरान पड़ी छोटी- छोटी पहाड़ियों को गोद लेकर उनको हरा किया जाता है। इसके अंतर्गत अब तक १७५ पहाड़ियों को हरा- भरा किया जा चुका है। तो वहीं स्वच्छता अभियान भी वृहत् स्तर पर चलाया जा रहा है। मंच संचालन केपी दुबे ने किया। इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, श्री केसरी कपिल, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. बृजमोहन गौड़ सहित शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकत्ताओं, विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में आये भाई- बहिन उपस्थित रहे।


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