Published on 2018-06-09
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आत्ममंथन के लिए विवश करतीं विदुषी प्रज्ञा पाराशर की प्रज्ञा पुराण कथाएँ

घेगाँव, खरगोन। मध्य प्रदेश
देव गाँव घेगाँव में सम्पन्न संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा बहिनों की बदलती सोच से बदलते समाज की गाथा थी। अपने भगवान पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के प्रति शबरी जैसे समर्पण और हनुमान जैसी सक्रियता रखने वाली विदुषी श्रीमती प्रज्ञा पाराशर ने कथा प्रसंगों के माध्यम से सैकड़ों गाँवों के लोगों में देवासुर संग्राम के वर्तमान दौर में कुछ कर गुजरने का उत्साह जगाया।

कथा व्यास श्रीमती पाराशर ने कहा कि यह समय भगवान को पाने के लिए गुफा- कंदराओं में, तीर्थ- मंदिरों में जाने का नहीं है। यह समय अपने गृहस्थ जीवन में ही चरित्रवान, निष्ठावान, संवेदनशील देवमानवों को गढ़ने का समय है। हम अपने विचारों को बदलें तो महाराणा प्रताप, भगतसिंह, गोखले, गाँधी, ज्ञानेश्वर फिर से इसी समाज में पैदा कर सकते हैं।

प्रज्ञा पाराशर ने कहा कि वर्तमान समय की समस्याएँ अनेक हैं लेकिन चाहे हम शिक्षक हों या किसान, व्यापारी हों या अधिकारी; सभी को पूज्य गुरुदेव जैसे आदर्शों के प्रति अपनी आस्था प्रगाढ़ करते हुए, साधना के माध्यम से उनकी दिव्यता का वरण करते हुए अपने विचारों में प्रखरता, चरित्र में पवित्रता, व्यवहार में उदारता जैसे गुणों को बढ़ाने की आवश्यकता है।

मिशन के तमाम रचनात्मक आन्दोलनों की चर्चा हुई, उन्हें गति देने के संकल्प उभरे। किरण भाई, राधेश्याम भाई, डॉ. रघुवरी पटेल, कुलदीप ने अपने सरस गीतों से युग संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र यादव ने किया।

नारी उत्कर्ष के लिए समाज की सोच बदलनी होगी
इन्दौर। मध्य प्रदेश

शक्ति महिला मण्डल, इन्दौर द्वारा ९ मई को सिद्धीपुरम कॉलोनी में २४ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का कार्यक्रम आयोजित किया। कथा व्यास श्रीमती प्रज्ञा पाराशर ने कहा कि हमारी बेटियों पर हो रहे अत्याचार पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए समाज की सोच बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कन्याभ्रूण हत्या, नशामुक्ति के विषयों को भी प्रभावशाली ढंग से उठाया। श्री सजल तिवारी, राधेश्याम कासट, श्रीमती सरस्वती आचार्य के अनुसार बड़ी संख्या में संस्कार हुए।


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