विश्व को १४ नोबल पुरस्कार विजेता देने वाले शिक्षा केन्द्र यूनिवर्सिटी आॅफ ज्यूरिच, स्विटज़रलैण्ड के साथ संबंध स्थापित हुए

Published on 2018-06-25

भारतीय विद्या पर कार्यक्रम चलाने की है योजना

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति जी स्विटजरलैण्ड की राजधारी ज्यूरिच पहुँचे। वहाँ यूनिवर्सिटी आॅफ ज्यूरिच के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक हुई, जिसमें भारतीय विद्या पर कार्यक्रम चलाने पर चर्चा हुई।

यह वहाँ की अत्यंत गौरवशाली यूनिवर्सिटीज़ में से एक है, जिसने विश्व को अल्बर्ट आइंस्टीन सहित १४ नोबल पुरस्कार विजेता दिए हैं। वे देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ भारतीय विद्या पर परस्पर सहयोग के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए विचार करने पर सहमत थे। प्रोफेसर मेलिनार अपने आगामी अक्टूबर में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रवास के समय इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

शांति के क्षेत्र में साझा कार्यक्रम
इससे पूर्व विदेश मंत्रालय, ज्यूरिच (सेंटर फॉर सीक्योरिटी स्टडीज़) के साथ मुलाकात हुई। वहाँ के निदेशक डॉ. उलमेन के साथ शांति के क्षेत्र में साझा कार्यक्रम बनाने पर चर्चा हुई।

फिनलैण्ड के पूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात
फिनलैण्ड की राजधानी हेलसिंकी में वहाँ के पूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात हुई। वे संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति स्थापना कार्यक्रम में हमारे (देसंविवि एवं गायत्री परिवार) के सह सदस्य हैं। विएना की यात्रा के दौरान दोनों के संयुक्त राष्ट्र कंसोर्टियम (संघ) आॅफ पीसकीपर्स का सदस्य बनने के लिए हस्ताक्षर किए थे।

सीएमआई के नायब और कार्टर सेंटर में भूतपूर्व राष्ट्रपति कार्टर के नायब रहे श्री इटोण्डे काकोमा भी वहाँ उपस्थित थे। उनके साथ एमएफए से काटजा एल्फोर्स और पूर्व निदेशक के सलाहकार हाना क्लिंघे, विदेश मंत्री कार्यालय में मेडिटेशन आॅफिसर डेविड कोपरेला तथा अंतरसांस्कृतिक एवं अंतरधार्मिक मामलों के राजदूत पेक्का मेट्सो  भी वहाँ थे।

यूनेस्को की चेअरशिप के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर
इसी दिन गायत्री परिवार के प्रतिनिधि यूनिवर्सिटी आॅफ ओपेल, पोलैण्ड, जिसके साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय को संयुक्त रूप से यूनेस्को की संयुक्त चेअरशिप दी गई है, पहुँचे और परस्पर सहयोग के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों में हस्ताक्षर किये।

एक असाधारण उपलब्धि
कॉमनवैल्थ ने भी देव संस्कृति विवि. के साथ सहयोग के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर की इच्छा व्यक्त की। यह सचमुच असाधारण बात है क्योंकि सामान्यत: वे केवल राष्ट्राध्यक्षों के साथ ही सहयोग के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करते हैं। इस दृष्टि से यह देव संस्कृति विवि. के लिए बहुत ही गौरवशाली उपलब्धि है।

राजधानी रेगा में संसद के प्रमुख मि. लेजिन्स  के साथ बैठक हुई। उसके बाद यूनिवर्सिटी आॅफ लात्विया में व्याख्यान हुआ। तत्पश्चात रॉयल बॉटेनिकल गार्डन में यज्ञ किया, जिसमें बहुत से लोगों ने भाग लिया।


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