नारी सशक्तिकरण के लिए सभी का हो योगदान - डॉ. प्रणव पण्ड्या

Published on 2018-07-16
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शांतिकुंज में नारी चेतना जागरण शिविर सम्पन्न

महाराष्ट्र प्रांत से आयीं बहिनों ने सीखा व्यक्तित्व विकास के गुर हरिद्वार 16 जुलाई।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में चल रहे पांच दिवसीय नारी चेतना जागरण शिविर का आज समापन हो गया। शिविर में आईं महाराष्ट्र की बहिनों ने कुल 23 सत्र में व्यक्तित्व विकास के विभिन्न गुर सीखे। उल्लेखनीय है कि नारी चेतना जागरण शिविर को शांतिकुंज की महिला मण्डल की बहिनों ने व्यवस्था, संगीत से लेकर प्रशिक्षण देने का कार्य बखूबी निभाया।           

 प्रतिभागियों को दिये अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि महिलाओं में आत्म गौरव का जागरण, उनका परिपूर्ण शिक्षण, उनके स्वास्थ्य संवर्धन हेतु सर्वांगपूर्ण उपचार ये प्रमुख आवश्यकताएँ हैं। इतना बन पड़ने पर वे पुरुषों का साथ बराबर की भागीदारी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारवान धर्मनिष्ठ महिलाएँ श्रेष्ठ पुरोहित-लोकशिक्षक की भूमिकाएँ भी निभा सकती हैं। शांतिकुंज की आधारशिला वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा द्वारा इसी बीजारोपण द्वारा रखी गयी है। इसे पुष्पित-पल्लवित करने का प्रयास इन दिनों विशेष अभियान के तहत किया जा रहा है। इसके लिए बहिनों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए सभी को अपना योगदान देना चाहिए, जिससे उन्हें प्रोत्साहन, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन मिल सके और और वे परिवार, समाज व राष्ट्र के विकास में विशेष योगदान कर सकें।               

समापन सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा ने कहा कि नारी जागरण का संदेश हर वर्ग की महिलाओं तक पहुँचाना है। इसके लिए स्वयं पहले प्रशिक्षित हों, आगे बढ़ें, फिर अपने सहेलियों, समाज की अन्य बहिनों को प्रेरित, प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि यह विदाई का समय नहीं है, वरन् यह अपने कर्तव्यों एवं प्रशिक्षण से प्राप्त सूत्रों को समाज में विकसित करने का श्रीगणेश है।              

इस शिविर में बालसंस्कार शाला, संगठन का स्वरूप, नारी जीवन की समस्याएँ- समाधान, बच्चों के शासक नहीं-सहायक बनें, स्वाध्याय जीवन की अनिवार्यता, आदर्श ग्राम योजना, जल संरक्षण-हरीतिमा संवर्धन व स्वच्छता अभियान, गर्भोत्सव एक आन्दोलन, स्वावलंबन एवं व्यावहारिक स्वरूप आदि विषयों पर डॉ. सुलोना शर्मा, डॉ. गायत्री शर्मा, श्रीमती अपर्णा पॅवार, श्रीमती मणि दास, डॉ. शशिकला साहू, श्रीमती नीलम, सुशीला अनघोरे आदि बहिनों ने सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।


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