Published on 2018-07-19

हरिद्वार 19 जुलाई।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या व श्रद्धेया शैलदीदी ने बड़ौदा (गुजरात) में 1994 में हुए अश्वमेध गायत्री महायज्ञ के रजत जयंती महोत्सव हेतु कलश पूजन किया। यह महोत्सव 1 से 3 जनवरी 2019 को आयोजित है। पूजन के अवसर पर रजत जयंती महोत्सव से जुड़े गुजरात के बड़ौदा, भरूच व छोटा उदेपुर जिले के चार सौ से अधिक परिजन उपस्थित थे।
                इस अवसर पर श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या ने कहा कि रजत जयंती महोत्सव के माध्यम से गुजरात के युवाओं में एक नई चेतना का जागरण होगा, जिससे युवा वर्ग को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहने के लिए मार्गदर्शन व संबल मिलेगा। डॉ. पण्ड्या ने यज्ञीय आयोजन से पूर्व निकटवर्ती क्षेत्रों में जनजागरण करने के लिए जुट जाने का आवाहन किया। श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि पूज्य आचार्यश्री ने यज्ञ एवं संस्कार लोगों में सकारात्मक बदलाव के लिए आवश्यक है और यह दोनों कार्यक्रम आयोजन के प्रमुख कार्यों में शामिल है। पश्चात् प्रमुखद्वय ने महोत्सव की सफलता की कामना करते हुए शक्ति कलश का वैदिक मंत्रों के साथ पूजन किया। इस अवसर पर महोत्सव के संयोजक गिरीश भाई पटेल, महेन्द्र भाई पटेल सहित गुजरात से आये गायत्री साधक व शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्त्तागण उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

गायत्री परिवार प्रमुखद्वय से मार्गदर्शन ले गंगा सेवा मंडल प्रशिक्षण टोली रवाना

हरिद्वार १४ नवंबर।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत संगठित गंगा सेवा मंडलों के प्रशिक्षण हेतु बुधवार को पांच सदस्यीय एक टोली शांतिकुंज से रवाना हुई। ये टोली बिजनौर से लेकर उन्नाव तक के शहरों.....

img

देसंविवि में शौर्य दीवार का हुआ अनावरण

संस्कृति के नायकों व राष्ट्र भक्तों के कारण भारत अक्षुण्ण ः राज्यपालयुवा पीढ़ी के लिए एक नई आजादी की आवश्यकता ः डॉ. पण्ड्याहरिद्वार 10 नवंबर।देवभूमि के राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि विश्व भर में सेना के अदम्य.....

img

गायत्री विद्यापीठ के बच्चों ने फटाखा व चीनी वस्तुओं के विरोध में निकाली रैली

शांतिकुंज व देसंविवि ने हर्षाेल्लास से मनाई धन्वन्तरि जयंतीपटाखा नहीं छोड़ने एवं प्रदूषणमुक्त दिवाली मनाने का लिया संकल्पहरिद्वार 5 नवंबर।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय स्थित फार्मेसी एवं शांतिकुंज के मुख्य सभागार में आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वन्तरि की जयंती आयुर्वेद के विकास में.....