Published on 2018-07-19

सफल दाम्पत्य जीवन की दिशाधारा
महाविद्यालय में कार्यशाला

बदलापुर, ठाणे।
महाराष्ट्रगायत्री परिवार मुम्बई और दिया मुम्बई के संयुक्त प्रयासों से ३ जुलाई को आदर्श कॉलेज, बदलापुर (पूर्व) में एक कार्यशाला 'सफल दाम्पत्य जीवन की दिशाधारा' का आयोजन हुआ। वरिष्ठ कार्यकर्त्ता बहिन सुश्री आशा ज्ञानी ने मुख्य रूप से इसे संबोधित किया। उन्होंने जिस खूबसूरती और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ वर्तमान समाज में उभरती वैवाहिक जीवन की समस्याओं को उकेरा, उसे सुनकर युवा विद्यार्थी मंत्रमुग्ध दिखाई दिये।

सुश्री आशा ज्ञानी ने वैवाहिक जीवन में प्रेम, माधुर्य, सामंजस्य बनाये रखने के लिए परम पूज्य गुरुदेव द्वारा बताये अनेक सूत्रों की व्याख्या की। गृहस्थाश्रम में आस्तिक जीवन शैली अपनाते हुए मिलकर प्रार्थना, स्वाध्याय, सहभोज जैसे सूत्रों को अपनाने, आत्मानुशासन का पालन करने, व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक उत्कर्ष की उमंग जगाने जैसे कई सुझाव उभरे।

कार्यशाला संयोजक श्रीमती जयश्री शिम्पी एवं धनंजय शिम्पी, प्राची श्रीवास्तव, प्रदीप मिश्रा, वीना पावसे आदि थे। सभी प्रतिभागियों को युगऋषि का साहित्य भेंट करने के साथ इसका समापन हुआ।

कन्या कौशल शिविर
समय की माँग है व्यावहारिक ज्ञान- श्री गुलानी

इन्दौर। मध्य प्रदेश
शक्तिपीठ केसरबाग पर आयोजित पाँच दिवसीय कन्या कौशल शिविर का १७ मई को समापन हुआ। कुक्षी, धार, जोबट, अलीराजपुर, देवास, राऊ, महू और इंदौर की सैकड़ों कन्याओं और महिलाओं ने इसमें भाग लिया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि
श्री ओमप्रकाश गुलानी सहायक महाप्रबंधक यूको बैंक ने प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने गायत्री परिवार द्वारा कन्याओं और महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने के कार्य को आज के समय का सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य बताया। विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुशीला बाजपेयी ने कहा कि बेटियाँ दिव्यशक्ति सम्पन्न होती हैं। अध्यक्षता कर रहे पं. श्रीकृष्ण शर्मा ने कहा कि बेटियाँ समाज सुधार का कार्य बेहतर ढंग से कर सकती हैं। शिविर संयोजक श्री सजल तिवारी के अुनसार डॉ. संगीता टावरी, श्रीमती मंजू श्रीवास्वव आदि बहिनों ने शिविर संचालन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।


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