Published on 2018-07-27

बदायंू: गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर गुरू पूर्णिमा के पावन पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। देवकन्याओं ने मां गायत्री की भव्य आरती उतारी। विभिन्न संस्कारों के बाद कन्या भोज कराया गया।
मुख्य वक्ता परिब्राजक सचिन देव ने कहा कि गुरू पूर्णिमा का पावन पर्व गुरू में समर्पण, विसर्जन और विलय का पर्व है। गुरू का संपूर्ण तप शिष्य के उत्कर्ष के लिए होता है। गुरू व्यक्तित्व को परिष्कृत कर उत्थान की राह खोलता है।
ट्रस्टी नरंेद्रपाल शर्मा और वीरेंद्र रस्तोगी ने मुख्य दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। मातृशक्तियों और देवकन्याओं ने मां गायत्री, वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा का पूजन कर उनके विराट स्वरूप की भव्य आरती उतारी। परिब्राजक सचिव देव ने वेदमंत्रोच्चारण पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ में दलवीर सिंह, मनोज गुप्ता, राजेश मिश्रा, मनोज मिश्रा, किताब सिंह यादव, सुबोध आदि सपत्नीक के रूप में रहे। श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित की। सृष्टि ने प्रज्ञागीतों की शानदार प्रस्तुति दी। माया सक्सेना ने जल का अभिसिंचन और रजनी मिश्रा, सीमा गुप्ता, शोभना भारद्वाज ने प्रसाद वितरण कराया। विशेष पूजन के साथ कन्या को भोज कराया गया।
इस मौके पर मुख्य प्रबंध ट्रस्टी बी ज्ञानेंद्र, नत्थूलाल शर्मा, रामचंद्र प्रजापति, रघुनाथ सिंह, कालीचरन पटेल, ललतेश, विपिन मिश्रा, सुरेश मिश्रा, कृष्णपाल सिंह, गीतादेवी, अमिता माहेश्वरी, सुधा शर्मा, मीनू मिश्रा, कमलेश, मंजू, सुमनदेवी, सुजाता, कल्पना, रामवीर, जितेंद्र, आशीष, बबलू, मुनेंद्र, संजीव शर्मा, आदि मौजूद रहे।


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