Published on 2018-08-31

रशिया में विभिन्न कार्यक्रम कर लौटे शांतिकुंज प्रतिनिधि

हरिद्वार ३१ अगस्त

१५ दिवसीय रशिया के प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न कराने के बाद शांतिकुंज प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेश्वर मिश्र व श्री जयराम मोटलानी स्वदेश लौट आये। शांतिकुंज प्रतिनिधि ने मास्को में आयोजित इण्डिया डे फेस्टिवल के दौरान आयोजित यज्ञीय कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मास्को के प्रसिद्ध पार्क सकोलनिकि में नौ रशियन जोड़े का वैदिक पद्धति से विवाह संस्कार सम्पन्न कराया। इस दौरान डॉ. ज्ञानेश्वर मिश्र ने रशियन भाषा में दाम्पत्य जीवन के पवित्र रिश्ते का अर्थ बताते हुए वैदिक कर्मकाण्ड सम्पन्न कराया। नवदम्पती के साथ उपस्थित लोगों ने इसे खूब सराहा। अनेक युवाओं ने भी भारतीय पद्धति से अपना विवाह संस्कार सम्पन्न कराने की बात कही। इण्डिया डे फेस्टिवल में पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी एवं श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी द्वारा रचित साहित्यों का रशियन भाषा में अनुवादित पुस्तकों का स्टाल लगाया गया। यहाँ स्थानीय युवा एवं विद्यार्थियों ने अपने मनपसंद के साहित्य पाकर काफी प्रसन्न हुए। इसके साथ ही शांतिकुंज प्रतिनिधियों द्वारा संचालित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम एवं यज्ञीय आयोजन में रशियन युवाओं ने भारतीय संस्कृति, योग व आयुर्वेद की ओर आकर्षित हुए।


    रशियन न्यू युनिवर्सिटी एवं फाइनेंस युनिवर्सिटी के साइकोलॉजी डिपार्टमेण्ट ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कार्य करने की योजना पर चर्चा हुई। देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी के प्रवास पर शैक्षणिक अनुबंध होने पर सहमति बनी। इण्डियन बिजिनेस एलाएंस, मास्को, रूस के अध्यक्ष श्री सैमी कोटवानी एवं  श्री एण्डी कोटवानी ने इंडिया डे कार्यक्रम का आयोजन कराया था ,जिसमें लाखों रशियन नागरिकों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम पिछले पाँच वर्षों से लगातार श्री सैमी कोटवानी जी करा रहे हैं, जो हर वर्ष लोकप्रियता के नए आयाम जोड़ते जा रही है। इन्होंने भारतीय संस्कृति व युग निर्माण मिशन के सत्साहित्य को युवाओं के बीच पहुँचाने के लिए टीम बनाई। रशियन युवाओं में भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ते रुझान के लिए भारतीय राजदूत श्री पंकज शरण ने गायत्री परिवार को बधाई देते हुए कहा कि श्री सैमी कोटवानी एवं गायत्री परिवार ने जिस तरह से पूरे देश में युवाओं को जगाने एवं उन्हें संस्कारित करने का कार्य कर रहा है, सराहनीय है।


    शांतिकुंज प्रतिनिधियों ने स्वदेश लौटने पर अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट की। इस अवसर पर श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का कार्य लोगों में सकारात्मक विचार के साथ समाज के विकास में काम करना है। युवा पीढ़ी को संस्कारित कर उन्हें परिवार, समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है। शांतिकुंज प्रतिनिधियों का रशिया में विभिन्न कार्यक्रम कुशलतापूर्वक सम्पन्न कराना रशियन युवाओं में भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।


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