Published on 2018-09-28 HARDWAR
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व्यसन मुक्त भारत बनाने की दिशा में गायत्री परिवार का सार्थक पहल
श्रद्धेय डॉ प्रणव पण्ड्या जी ने दिखाई हरी झंडी, कहा- युवा व्यसन से रहे दूर
गांधी जी की १५०वीं जन्म जयंती के अवसर पर चार स्थानों से रथ यात्रा होगी विधिवत प्रारंभ हरिद्वार २८ सितंबर।
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के १५०वीं जन्म जयंती से प्रारंभ होने वाले व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इसके लिए शांतिकुंज से आठ राज्यों के लिए चार रथों को अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहला रथ नागपुर, दूसरा रथ सुल्तानपुर, तीसरा रथ मोतीहारी और चौथा रथ रेवाड़ी से प्रारंभ होगा। पहला रथ महाराष्ट्र व ओडिशा के विभिन्न जनपदों में करीब पाँच हजार किमी की यात्रा करेगा। दूसरा रथ उप्र के सभी जिलों के युवाओं को व्यसन मुक्त रहने के लिए प्रेरित करेगा। यह रथ पाँच हजार से अधिक की दूरी तय करेगा। तीसरा रथ बिहार, झारखंड में चार हजार किमी से अधिक की यात्रा कर व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत की दिशा में पहल करने के लिए जन जागरण अभियान चलायेगा। तो वहीं चौथा रथ हरियाणा, पंजाब, जम्मूकश्मीर, हिमाचल, दिल्ली उत्तराखण्ड के नगरों-शहरों में भ्रमण करते हुए नशा भारत छोड़ो अभियान को गति देने का काम करेगा। ये चारों रथों का मुख्य उद्देश्य योग युक्त- व्यसन मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम करेगा।
इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या ने कहा कि व्यसन विनाश को जड़ है। ईश्वर ने मनुष्य को अनेक दुर्लभ विभूतियाँ प्रदान की है। जिससे वे मनुष्यता का कर्तव्य निभा सके। उन्होंने कहा कि प्रकृति का मुकुटमणि मनुष्य दुर्बुद्धि के कुचक्र में फंस कर अपनी दुर्लभ क्षमताओं को व्यसन, नशे में बर्बाद कर रहा है। यही समझदारों की नासमझी है। छोटे बच्चों से लेकर उच्च विद्यालय, महाविद्यालय में अध्ययनरत देश के भविष्य युवा आज नशे के चपेट में है। जिससे उनके परिवार के साथ समाज का आर्थिक हानि हो रही है। गायत्री परिवार इस रथ के माध्यम से युवापीढ़ी सहित सभी वर्ग के लोगों को व्यसन से मुक्त रहने के लिए प्रेरित करेगा।


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