Published on 2018-09-28 HARDWAR
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वंदनीया माताजी को समर्पित रहा सांस्कृतिक संध्या

हरिद्वार 28 सितंबर।

नारी जागरण को समर्पित रही अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के 92वीं जन्म जयंती पर शांतिकुंज में विविध कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर महिला मण्डल की बहिनों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक संध्या वंदनीया माताजी को समर्पित रहा।

                संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि वंदनीया माताजी ने बाल्यावस्था से ही नारियों के समान अधिकार के लिए काम करती रही। मानव मात्र के उत्थान के लिए उन्होंने विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों को प्रारंभ किया और उसे गति दी। उन्होंने सन् 1971 से नारी उत्थान एवं महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना प्रारंभ कर दिया था। माताजी द्वारा संचालित कार्यक्रमों के आधार पर शांतिकुुंज में आज भी महिलाओं के लिए पौरोहित्य, संगीत, स्वावलंबन सहित विभिन्न गतिविधियाँ संचालित हो रही है। यहाँ से प्रशिक्षण लेने के बाद अब तक हजारों बहिनें अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऋषियुग्म द्वारा निर्देशित समाज उत्थान के सूत्रों पर आधारित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों को गायत्री तीर्थ व देव संस्कृति विश्वविद्यालय गति देने के लिए संकल्पित है।

                सांस्कृतिक संध्या वंदनीया माताजी को समर्पित रहा। इस दौरान महिला मण्डल की प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा के नेतृत्व में गायत्री विद्यापीठ की छात्राओं एवं अंतेवासी बहिनों ने वंदनीया माताजी के जीवन पर आधारित प्रेरक प्रसंगों को उकेरा। गायत्री तपोभूमि मथुरा में विद्यालय भवन के निर्माण हेतु माताजी द्वारा अपना जेवर समर्पित करने के साथ विभिन्न सम्प्रदायों के लोगों में अपनत्व लुटाने के प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही तात्कालीन समाज के विभिन्न उलझनों के बीच नारी सशक्तिकरण के कार्यों को प्रारंभ करने के साथ गति देने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को संरक्षण देने आदि विभिन्न प्रकरणों के दृश्यों में माताजी के अमूल्य योगदान को प्रस्तुत किया गया। जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने खूब सराहा। मंच संचालन श्रीमती मणि दाश व श्रीमती सुशीला अनघोरे ने किया।


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