Published on 2018-09-29 HARDWAR
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गांधीजी की 150 वीं जन्म जयंती के अवसर पर चार स्थानों से रथ यात्रा होगी विधिवत प्रारंभ

डा. पण्ड्या ने दिखाई हरी झंडी, कहा- युवा व्यसन से रहे दूर

हरिद्वार 28 सितंबर।

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के 150वीं जन्म जयंती से अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा प्रारंभ होने वाले व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इसके लिए शांतिकुंज से आठ राज्यों के लिए चार रथों को अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहला रथ नागपुर, दूसरा रथ सुल्तानपुर, तीसरा रथ मोतीहारी और चौथा रथ रेवाड़ी से प्रारंभ होगा। पहला रथ महाराष्ट्र व ओडिशा के विभिन्न जनपदों में करीब पाँच हजार किमी की यात्रा करेगा। दूसरा रथ उप्र के सभी जिलों के युवाओं को व्यसन मुक्त रहने के लिए प्रेरित करेगा। यह रथ पाँच हजार से अधिक की दूरी तय करेगा। तीसरा रथ बिहार, झारखंड में चार हजार किमी से अधिक की यात्रा कर व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत की दिशा में पहल करने के लिए जन जागरण अभियान चलायेगा। तो वहीं चौथा रथ हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल, दिल्ली उत्तराखण्ड के नगरों-शहरों में भ्रमण करते हुए नशा भारत छोड़ो अभियान को गति देने का काम करेगा। ये चारों रथों का मुख्य उद्देश्य योग युक्त-व्यसन मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम करना है।

   इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या ने कहा कि व्यसन विनाश का जड़ है। ईश्वर ने मनुष्य को अनेक विभूतियाँ प्रदान की है, जिससे वे मनुष्यता का कर्तव्य निभा सके। उन्होंने कहा कि मनुष्य दुर्बुद्धि के कुचक्र में फंस कर अपनी क्षमताओं को व्यसन, नशे में बर्बाद कर रहा है। यही समझदारों की नासमझी है। छोटे बच्चों से लेकर महाविद्यालय में अध्ययनरत देश के भविष्य युवा आज नशे के चपेट में है। जिससे उनके परिवार के साथ समाज का आर्थिक हानि हो रही है। गायत्री परिवार इस रथ के माध्यम से युवापीढ़ी सहित सभी वर्ग के लोगों को व्यसन से मुक्त रहने के लिए प्रेरित करेगा।

                राष्ट्रीय जोनल प्रभारी श्री कालीचरण शर्मा ने बताया कि देश भर के शैक्षणिक संस्थानों तथा शहरों में नशा भारत छोडो अभियान के अंतर्गत युवा पीढ़ी सहित सभी आयु वर्ग के लोगों के बीच वीडियो, प्रदर्शनी, प्रवचन आदि के माध्यमों व्यसन मुक्ति के बारे जागरुक किया जायेगा। इन राज्यों के अलावा पूरे भारत में दो अक्टूबर एक साथ व्यसन मुक्ति प्रदर्शनी एवं व्यसन मुक्ति दीप महायज्ञ के माध्यम से व्यसन मुक्त भारत का संकल्प कराया जायेगा।

                इससे पूर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने रथों का पूजन किया और रथ में जाने वाले परिव्राजकों को मंगल तिलक कर यात्रा के दौरान कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई।

                इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, श्री हरीशभाई ठक्कर, डॉ. ओपी शर्मा, श्री केसरी कपिल जी, डॉ. बृजमोहन गौड़, केदार प्रसाद दुबे, श्रीमती यशोदा शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता एवं देश के कोने-कोने से आये गायत्री साधकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रथ को विदा किया।


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