Published on 2018-11-05 HARDWAR

शांतिकुंज व देसंविवि ने हर्षाेल्लास से मनाई धन्वन्तरि जयंती

पटाखा नहीं छोड़ने एवं प्रदूषणमुक्त दिवाली मनाने का लिया संकल्प

हरिद्वार 5 नवंबर।देवसंस्कृति विश्वविद्यालय स्थित फार्मेसी एवं शांतिकुंज के मुख्य सभागार में आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धन्वन्तरि की जयंती आयुर्वेद के विकास में जुट जाने के आवाहन के साथ मनाई गई। फार्मेसी में हवन के साथ भगवान धन्वन्तरि की विशेष पूजा-अर्चना की गयी।

                अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि धन्वन्तरि भगवान विष्णु के तेरहवें अवतार हैं तथा दीर्घतपा के पुत्र व केतुमान के पिता हैं। वे देवताओं के वैद्य थे। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वन्तरि जयंती यही प्रेरणा देती है कि परमात्मा ने सर्वश्रेष्ठ मनुष्य काया दी है, तो उसे स्वस्थ रखकर जीवन उद्देश्य की दिशा में निरंतर गतिशील रहना चाहिए। डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. गायत्री शर्मा, डॉ. मंजू चोपदार, डॉ. शिवानंद साहू, डॉ. अलका मिश्रा, डॉ. वन्दना श्रीवास्तव आदि ने भगवान धन्वन्तरि से जुड़े विभिन्न पौराणिक कथानकों का जिक्र करते हुए प्रकृति के अनुसार जीवन जीने की सलाह दी।

                वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर गायत्री विद्यापीठ के प्रधानाचार्य श्री सीताराम सिन्हा के नेतृत्व में   आहुति, देवस्य, जाह्नवी, प्रखर, पार्थ, राहुल, प्रज्ञेश, श्रद्धा, पयस, जागृति, शुभांशु, तेजस्विनी, मेधा, आकांक्षा, ऋषिका आदि सहित सात सौ से अधिक बच्चों ने एक नई पहल की। विद्यापीठ के बच्चों ने पर्यावरण बचाने की मुहिम के साथ इको फ्रेंडली पर्व मनाने, फटाखे नहीं फोड़ने तथा चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करने के संकल्प के साथ जनजागरण रैली निकाली। यह रैली विद्यापीठ से प्रारंभ होकर हरिपुर कलॉ, सप्तसरोवर क्षेत्र होते हुए शांतिकुंज पहुँची। शिक्षकों ने स्वयं व अपने निकटवर्ती परिवारों को भी पर्यावरण संरक्षण के तहत फटाखे नहीं चलाने एवं चीनी वस्तुओं के विरोध करने की बात कही। इससे पूर्व शांतिकुंज आने वाले श्रद्धालुओं को पारिवारिक स्नेह की अनुभूति कराने वाली श्रद्धेया शैल जीजी एवं श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने अखिल विश्व गायत्री परिजनों से प्रदूषणमुक्त दीपावली मनाने एवं चीनी वस्तुओं के बहिष्कार करने का आवाहन किया।


Write Your Comments Here:


img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

दे.स.वि.वि. के ज्ञानदीक्षा समारोह में भारत के 22 राज्य एवं चीन सहित 6 देशों के 523 नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

जीवन खुशी देने के लिए होना चाहिए ः डॉ. निशंकचेतनापरक विद्या की सदैव उपासना करनी चाहिए ः डॉ पण्ड्याहरिद्वार 21 जुलाई।जीवन विद्या के आलोक केन्द्र देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के 35वें ज्ञानदीक्षा समारोह में नवप्रवेशार्थी समाज और राष्ट्र सेवा की ओर.....

img

देसंविवि की नियंता एनईटी (योग) में 100 परसेंटाइल के साथ देश भर में आयी अव्वल

देसंविवि का एक और कीर्तिमानहरिद्वार 19 जुलाईदेव संस्कृति विश्वविद्यालय ने एनईटी (नेशनल एलीजीबिलिटी टेस्ट -योग) के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। देसंविवि के योग विज्ञान की छात्रा नियंता जोशी ने एनईटी (योग)- 2019 की परीक्षा में 100.....