Published on 2018-11-06 HARDWAR

युवाओं व समाजोत्थान के कार्यों में समर्पित रहा जीवन

राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने वाले युवाओं की फौज बनाना चाहते हैं डॉ. पण्ड्या
 हरिद्वार 6 नवंबर।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख व देवसंस्कृति विवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या का 69वाँ जन्मदिन (रूप चतुर्दशी) को चेतना दिवस के रूप में मनाया गया। सादगीपूर्ण माहौल में दीपयज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी , व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र सहित शांतिकुंज के कार्यकर्ता भाई-बहिनों, देसंविवि परिवार एवं गायत्री विद्यापीठ के बच्चों ने गुलदस्ता भेंटकर स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की।

                इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि श्रद्धेय डॉ. साहब ने अपने तन का दीया, भावनाओं का तेल एवं ज्ञान-कर्म की बाती को अपने सद्गुरु के चरणों में समर्पित कर समाज, राष्ट्र के विकास के लिए होम दिया है। इससे पूर्व शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ता एवं विभिन्न शिविरों में आये साधकों ने 27 कुण्डीय यज्ञशाला में डॉ. पण्ड्या की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की मंगल कामना करते हुए आहुतियाँ दीं। वहीं शांतिकुंज द्वारा संचालित हो रहे देश भर की 2400 से अधिक प्रज्ञा संस्थानों में भी गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या जी का जन्म दिवस चेतना दिवस के रूप में मनाया गया।

                वैज्ञानिक अध्यात्मवाद के प्रणेता एवं एमडी (मेडीसिन) में स्वर्ण पदक प्राप्त हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. पण्ड्या ने देश-विदेश में युवाओं का मार्गदर्शन, भारतीय संस्कृति का विश्वभर में प्रचार-प्रसार, देव संस्कृति विवि के संचालन, साहित्य लेखन-संपादन, विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय पर शोध कार्य जैसे अनेक विशिष्ट कार्यों में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सादा जीवन उच्च विचार को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने वाले डॉ. पण्ड्या समाज के विकास में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। अपने आगामी लक्ष्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में समाज व राष्ट्रोत्थान के कार्यों में जुटने वाले युवाओं की फौज तैयार करनी है। उन्होंने कहा कि अनेक कार्य अभी शेष है। आने वाले समय में किसी के प्रति कोई ईर्ष्या का भाव मन में न आएँ, ऐसी सर्वशक्तिमान माता से प्रार्थना।

                वहीं देवसंस्कृति विवि के मृत्युजंय सभागार में उनका जन्मदिन को चेतना दिवस के रूप में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाया गया। ईएमडी विभाग ने डॉ. पण्ड्या के जीवन के महत्त्वपूर्ण क्षणों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई और संगीत विभाग की टीम ने बधाई संगीत प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।


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