Published on 2018-11-14 HARDWAR

संस्कृति के नायकों व राष्ट्र भक्तों के कारण भारत अक्षुण्ण ः राज्यपाल

युवा पीढ़ी के लिए एक नई आजादी की आवश्यकता ः डॉ. पण्ड्या
हरिद्वार 10 नवंबर।

देवभूमि के राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि विश्व भर में सेना के अदम्य साहस के लिए उत्तराखण्ड का नाम गौरव से लिया जाता है। देवभूमि से स्वतंत्रता से पूर्व 364 व आजादी के पश्चात1262 सैनिकों ने वीरता पदक से सम्मानित हैं। इसके साथ ही करीब 29 हजार सैनिकों देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन वीर सैनिकों के प्रति देसंविवि में नवनिर्मित शौर्य दीवार एक श्रद्धांजलि है। इससे वर्तमान पीढ़ी को शौर्य के साथ राष्ट्रीयता के भाव जाग्रत होंगे।

                वे देव संस्कृति विश्वविद्यालय में वीर सैनिकों की याद में बने शौर्य दीवार के उद्घाटन करने के पश्चात् आयोजित सभा को संबोधित कर रहीं थीं। शौर्य दीवार में 21 वीरता प्राप्त वीर सैनिकों के चित्र के साथ उनकी गौरवगाथा अंकित है। मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को सैनिकों की वीर गाथा के साथ राष्ट्रीयता एवं भारत के प्रति समर्पण का भाव भी पढ़ाया जाना चाहिए। भारतीय संस्कृति को अनेकों ने मिटाने का प्रयास किया, लेकिन हमारे संस्कृति के नायकों एवं राष्ट्र भक्तों के अदम्य साहस कारण कोई मिटा नहीं पाया। शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी सद्भावना प्रकट करते हुए लोगों से अपील की कि शहीद सैनिक परिवार के दुःख दर्द को बाँटने के लिए आगे आये। उन्होंने कहा कि आगरा में जब मैं मेयर थी, तो कई मौकों पर परम पूज्य गुरुदेव के विचारों एवं अखण्ड ज्योति पत्रिका (डॉ. प्रणव पण्ड्या जी द्वारा संपादित) ने मेरा मार्गदर्शन किया है। अखण्ड ज्योति जीवन के अनेक पहलुओं व अंतर्मन को जाग्रत करता है।

                देसंविवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि हम सब भारतीय सैनिक के साहस व समर्पण के कारण ही चैन की नींद ले पाते हैं। कहा कि युवा पीढ़ी के लिए एक नई आजादी की आवश्यकता है। जिससे वे व्यसन मुक्त जीवन जी सकें। उत्तराखण्ड में महिलाओं की स्थिति पर अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि देवभूमि में नारी उत्कर्ष के लिए गायत्री परिवार विभिन्न रचनात्मक व स्वावलंबन सेवा प्रकल्प चला रहा है। इसमें राज्य की सैकड़ों बहिनें अपनी पारिवारिक व आर्थिक स्थिति में सुधारात्मक परिवर्तन लाने में सफल हुई हैं। उन्होंने कहा कि निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत 2525 किमी की दूरी तय करने वाली पतित पावनी गंगा को निर्मल, स्वच्छ व अविरल बनाने हेतु लाखों स्वयंसेवक सेवारत हैं, जो केवलगंगा की स्वच्छता ही नहीं, वरन् समग्र गंगा तटों पर जन जारगण अभियान चला रहा है। जिससे गंगा पवित्र बनी रहे।

                राज्य के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि विद्या के साथ वीरता के प्रति जन जागरण में युवा पीढ़ी को जागरुक करने में शौर्य दीवार नींव का पत्थर साबित होगी। कुलपति श्री शरद पारधी ने कहा कि स्वागत भाषण करते हुए शौर्य दीवार एवं देव संस्कृति विवि पर प्रकाश डाला। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन गोपाल शर्मा ने किया।

                इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती मौर्य, देसंविवि के कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या एवं मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने विवि द्वारा प्रकाशित संस्कृति मंजूषा व संस्कृति संचार के नवीन संस्करण का विमोचन किया। कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने अतिथियों को विवि का प्रतीक चिह्न, युग साहित्य एवं रुद्राक्ष की माला भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर शांतिकुंज व देसंविवि परिवार के अलावा जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों, पत्रकार गण उपस्थित रहे।


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