Published on 2018-12-02 HARDWAR


शक्ति का केन्द्र बनें गायत्री शक्तिपीठ- श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या
हरिद्वार 28 नवंबर।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज की इकाई के रूप में देश भर में कार्यरत प्रज्ञा संस्थानों के ट्रस्टियोंं का विशेष प्रशिक्षण व सम्मेलन का शृंखलाबद्ध कार्यक्रम का आज शुभारंभ हुआ। प्रत्येक सम्मेलन तीन दिवसीय होगा। प्रथम सम्मेलन पूर्वी गुजरात के महेसाणा, पंचमहाल, बडौदा, सूरत उपजोनों के अंतर्गत आने वाले सहित सत्रह जिलों में स्थित चरणपीठ, गायत्री प्रज्ञापीठ, गायत्री शक्तिपीठों के ट्रस्टियों का हुआ। इसमें तीन सौ अधिक ट्रस्टीगण शामिल हैं। सम्मेलन की शुरुआत अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, केन्द्रीय शक्तिपीठ प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री केसरी कपिल व वरिष्ठ कार्यकर्त्ता डॉ. ओ.पी. शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।

                सम्मेलन के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या ने शक्ति के केन्द्र के रूप में गायत्री शक्तिपीठों व प्रज्ञा संस्थानों को विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठों सहित सभी प्रज्ञा संस्थानों में विभिन्न रचनात्मक व सुधारात्मक कार्य सम्पन्न हों, इसके लिए आवश्यक है कि परिव्राजकों का चयन एवं प्रशिक्षण का कार्यक्रम समय-समय पर होते रहें। इसी उद्देश्य से उत्साही एवं सेवाभावी युवाओं व परिव्राजकों का प्रशिक्षण शांतिकुंज में नियमित रूप से संचालित होते हैं। ऐसे युवा जो इस क्षेत्र में आकर समाज के उत्थान व सेवा करने इच्छुक हो, उन्हें शांतिकुंज निःशुल्क प्रशिक्षण देगा। गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं.श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने कर्मठ, सेवाभावी व उत्साही परिव्राजकों को ऋषितुल्य बताया है। उन्होंने कहा कि नियमित साधना से आत्म शक्ति का जागरण होता है। श्रेष्ठ साहित्य के स्वाध्याय से वैचारिक शक्ति बढ़ती है। निःस्वार्थ भाव से की गयी सेवा से जन जागृति फैलती है। परिव्राजकों एवं ट्रस्टियों को इन कार्यों को सतत करते रहना चाहिए। डॉ. पण्ड्या ने महिला मण्डल, प्रज्ञा मंडल, युवा मण्डल, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा इकाई व डिवाइन इंडिया यूथ एसोशिएन (दीया) सभी को मिलकर रचनात्मक व सुधारात्मक कार्यों को गति देने के विविध सूत्रों की विस्तृत जानकारी दी।

                द्वितीय सत्र में शांतिकुंज विधि प्रकोष्ठ के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री एचपी सिंह ने आयकर से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देते हुए इसमें पारदर्शिता के साथ कार्य करने की बात कही। श्री सिंह ने कहा कि गायत्री परिवार एक आदर्श स्थापित करने का काम करता है, इसलिए दान आदि के हिसाब में भी पूरी तरह पारदर्शिता होनी चाहिए। उद्घाटन सत्र का संचालन केन्द्रीय जोन प्रभारी श्री कालीचरण शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रज्ञा अभियान के संपादक व वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय, गुजरात जोन के समन्वय दिनेश पटेल सहित पूर्वी गुजरात से आये तीन सौ से अधिक ट्रस्टीगण उपस्थित रहे।


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