Published on 2018-12-06 HARDWAR

राष्ट्र जागरण हेतु नारियों का विकास आवश्यक - शैलदीदी
 हरिद्वार 5 दिसम्बर।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में चल रहे नारी जागरण शिविर में बिहार के बहिनों को विकास के अनेक गुर सिखाये गये। पांच दिन चले इस शिविर में बिहार के पटना, मुंगेर, बक्सर सहित तीस जिलों की बहिनों ने भागीदारी की। प्रतिभागियों के भेंट परामर्श के क्रम में संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि राष्ट्र के जागरण के लिए नारियों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपने व्यक्तित्व विकास के लिए श्रेष्ठ साहित्य का अध्ययन, आत्मिक विकास हेतु नियमित रूप से गायत्री जप करें। नारियों को इन दिनों नैतिक, बौद्धिक, सामाजिक क्रान्ति के साथ स्वस्थ शरीर, स्वच्छ मन और सभ्य समाज की संरचना की तैयारी करनी है।

                शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज महिला मण्डल की प्रमुख श्रीमती यशोदा शर्मा ने कहा कि मेधावी व मेहनतकश लोगों के राज्य के रूप में बिहार को जाना जाता है। प्राचीनकाल में विश्व का गौरव के रूप में बिहार की ख्याति थी। उन्होंने कहा कि समय के बदलने के साथ यहाँ कई तरह की विघटनकारी तत्व ने रुढ़िवादिता सहित अनेक कुरीतियों को फैला दिया। इन्हें जड़ से उखाड़ने लिए अब बहिनों को भी आगे आना होगा। गायत्री परिवार इन दिनों समाज में नवजागृति के लिए काम कर रहा है, इसमें बहिनों की भी विशेष सहभागिता होनी है।

                इससे पूर्व संगीत विभाग की बहिनों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणाप्रद संगीत ने सभी को उल्लसित किया। समापन अवसर पर बिहार की बहिनों ने अपने निकटवर्ती परिवार एवं समाज में नारियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही उनकी कौशल विकास के लिए शृंखलाबद्ध कार्यक्रम बनाने हेतु आगे आने की बात कही। सभी ने एकमत से स्वीकार किया कि ग्रामीण, प्रखण्ड, जिला स्तर पर नारी जागरण व नारी कौशल शिविर का आयोजन किया जायेगा, जिसमें बिहार की बहिनों का चहुँमुखी विकास हो सके।

                शिविर समन्वयक के अनुसार पाँच दिन चले इस शिविर में कुल 24 सत्र हुए। जिसमें महिलाओं को योग, व्यायाम से लेकर से समाज व राष्ट्र निर्माण से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक व सैद्धांतिक जानकारी दी गयी। डॉ. गायत्री शर्मा, मणि दास, पूर्णिमा अग्रवाल, प्रेरणा वाजपेयी, डॉ. सुलोचना शर्मा, श्यामा राठौर, सुधा महाजन, आरती, अपर्णा पंवार, नीलम मोटलानी, ज्योत्सना मोदी, सुशीला अनघोरे आदि विषय विशेषज्ञों ने नारी जागरण, नारी जीवन की समस्याएँ-समाधान, कौशल विकास, जल संरक्षण, हरीतिमा संवर्धन, स्वच्छता अभियान आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। 



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