Published on 2018-12-12 SABAR KANTHA
img

प्रकृति की गोद में बनेगा गुजरात का प्रथम श्रीराम आरण्यक
मोडासा , 12 दिसं। हमारे प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों का निवास जंगलों में, कंदराओं में नदियों के तट पर हुआ करता था जहाँ रहकर वे स्वयं तपस्या किया करते थे एवं आस पास के निवासियों को भी ज्ञान प्रदान करते थे। इस क्रम में वे प्रकृति के साथ रहकर प्रकृति का रक्षण भी करते थे। मानव जैसे जैसे विकास की ओर बढ़ता गया वैसे वैसे प्रकृति एवं संस्कृति से दूर होकर विकृति की ओर जा रहा है इसीके परिणामस्वरूप समाज में अनेक विषमतायें दिखाई पड रही हैं।अखिल विश्व गायत्री परिवार ने इसी परम्परा के जागरण एवं देश की आत्मा गौ ग्राम के उत्थान हेतु श्रीराम आरण्यक का विचार प्रस्तुत किया है। गायत्री परिवार के संस्थापक पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने कहा है कि भारत को जगाना है तो गाँवों को तीर्थ के रूप में विकसित करना होगा।     गायत्री परिवार के हरिद्वार स्थित वैश्विक मुख्यालय से श्रीराम आरण्यक निर्माण की एक विधिवत योजना बनाई गई है जिसमें आठ विविध प्रकल्प जोडे गये हैं जिनके माध्यम से साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन जैसे ग्राम प्रबंधन एवं व्यक्तिनिर्माण के आधारभूत कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।  ऋषि सूत्रों पर आधारित इस योजना में गायत्री परिवार देश के विभिन्न प्रान्तों में इसके लिये कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देकर यह कार्यक्रम चला रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा आदि प्रान्तों में चल रहे इस अभियान के अन्तर्गत वर्तमान में गुजरात के अरवल्ली जिले के मोडासा के पास नापा गॉँव मे इस प्रकल्प के लिये 6 एकड़ भूमि प्राप्त हुई है जिसमें श्रीराम आरण्यक के निर्माण का कार्य आरम्भ होना है।जिसका भूमि पूजन हाल ही मे देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या जी ने नापा गॉव  मे किया।        इस योजना के माध्यम से युवाओं, महिलाओं को स्वावलम्बन के द्वारा रोजगार देने, प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को अपना कर स्वास्थ्य लाभ एवं गौपालन के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ गौमाता के संरक्षण हेतु प्रशिक्षण दिया जाता है। भोपाल के पास चल रहे इस प्रकल्प में वनवासी बच्चों को छात्रावास में रखकर उन्हें विविध कौशल कार्यों में प्रशिक्षित किया जा रहा है एवं अनेक गौ उत्पाद निर्मित किये जा रहे हैं। गायत्री परिवार के इस अभियान से गाँवों का समग्र विकास हो सकना सम्भव है जिससे देश का भी विकास अवश्य होगा ऐसा विश्वास है।


Write Your Comments Here:


img

anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री मंत्र और गायत्री माँ के चम्त्कार् के बारे मैं बताया

मैं यशवीन् मैंने आज राजस्थान के barmer के बालोतरा मैं anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री माँ के बारे मैं बच्चों को जागरूक किया और वेद माता के कुछ बातें बताई और महा मंत्र गायत्री का जाप कराया जिसे आने वाले.....

img

युग निर्माण हेतु भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों की आवश्यकता जिसकी आधारशिला है भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा -शांतिकुंज प्रतिनिधि आ.रामयश तिवारी जी

वाराणसी व मऊ उपजोन की *संगोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ,लंका,वाराणसी के पावन प्रांगण में संपन्न* हुई।जहां ज्ञान गंगा की गंगोत्री,*महाकाल का घोंसला,मानव गढ़ने की टकसाल एवं हम सभी के प्राण का केंद्र अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज,हरिद्वार* से पधारे युगऋषि के अग्रज.....

img

Yoga Day celebration

Yoga day celebration in Dharampur taluka district ValsadGaytri pariwar Dharampur.....