Published on 2018-12-15 PATNA

प्रेस विज्ञप्ति


YOUTH EXPO

संदर्भ # आत्म निर्माण से राष्ट्र निर्माण “BE AND MAKE”            

#  हमारा संकल्प - बाल विवाह एवं दहेज़ मुक्त बिहार


दिनांक :- 15 दिसम्बर 2018
स्थान -  बापू सभागार ( नजदीक- गांधी मैदान )   

       आज विज्ञान ने भौतिक जगत में हमें समृद्धि के महाशिखर पर पहुँचा दिया है | साधनों का अम्बार खड़ा कर दिया है, सब कुछ आसान और सरल हो गया है परंतु एक ज्वलंत प्रश्न अब भी खड़ा है कि -क्या हम अपने आंतरिक शक्ति इन साधनों के द्वारा प्रकट कर सकते हैं ?क्या ये साधन हमारी आंतरिक चेतना को विकसित कर सकते हैं ?क्या ये साधन हमारी संवेदनशीलता, आत्मियता को बढ़ा सकते हैं ?क्या ये साधन हमारे व्यक्तित्व का निर्माण कर सकते हैं ?इन सवालों का एक ही जबाब हैं- नहीं नहीं नहीं  


        आधुनिक जीवन शैली में उच्च महत्वकांक्षाओं परिवारिक एवं सामाजिक के दबाव से आज तरुण एवं युवा बुरी तरह पीस रहा है इसके कारण अपने देश में लगभग 12 प्रतिशत किशोर-किशोरियों मानसिक पीड़ा व समस्या से ग्रस्त होकर आत्महत्या करने लगे हैं।यह परिस्थिति बड़ी भयावह और विकट हैं। समय रहते यदि इसे सुधारा और संवारा नहीं गया तो भारत जैसे सर्वाधिक युवा राष्ट्र को समर्थ और स्वावलंबी राष्ट्र बनाना अति दुर्लभ हो जायगा । ‘व्यक्तित्व निर्माण में अध्यात्म की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निम्न बिन्दुओं में सफलता के लिए प्रयोग कर सकते हैं।


              इन सभी समस्याओं के समाधान को लेकर आज “YOUTH EXPO” का पटना में आयोजन प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ पटना, बिहार के दवारा किया गया | आपको  बताते चलें की बिगत 23 वर्षो से युवाओं के अंदर संस्कार युक्त शिक्षा को आगे बढ़ाने का काम प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ पटना कर रहा है |आज अधिकारी तो बन रहे हैं, डॉक्टर तो बन रहे है इंजीनियर तो बन रहे हैं, लेकिन सेवा-भावी नहीं बन पा रहे है। इसका परिणाम सबसे अधिक परिवार को भुगतना पड़ रहा है | जब आप वृद्ध आश्रम में जाते हैं तो पता चलता है कि अच्छे–अच्छे अधिकारी के माँ-बाप इस आश्रम में जिल्लत की ज़िंदगी जी रहे हैं । इन्हीं समस्याओं का समाधान अखिल विश्व गायत्री परिवार कर रहा है |जिसमें युवा प्रकोष्ठ युवाओं को सजग, जागरूक, शालीन और सभ्य बनाते हुए शिक्षित कर रहा है।

      इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शांतिकुंज हरिद्वार से आये Spritual Scientist डॉ० प्रणव पण्ड्या जी (एम. डी. ) "आत्म निर्माण से राष्ट्र निर्माण" विषय पर 10 हजार युवाओं को सम्बोधित करते हुये कहा की युवाओं को अपने अंदर के अंधकार को दूर करके अंदर ही ज्योति जलानी होगी। अपना दीपक खुद बने। बाहर प्रकाश तलाशने की जरूरत नहीं है। इसके लिए जीवन में तीन चीजों का जरूरत होगी। वक्तिगत व परिवार की साधना, सामुहिक साधना करें। अंत:करण को पवित्र करने युवाओं को आगे आने एवं विचार को बदलने की जरूरत है। आज युवा विरासत बचाने के लिए नहीं  संपत्ति बनाने के लिए ज्यादा मेहनत कर रहा है, जबकि संस्कार के अंदर विरासत है। अपने अंदर संवेदनाए जगाएँ। प्रयास करे  इस देश को फिर से शिखर तक पहुंचाने का है। बदलाव के इस दौर में मन, भाव, दृष्टिकोण, संबंध सभी बदल रहे हैं। संसार में तीन तरह के रिश्ते होते हैं। इसमें खून, भावनाओं के रिश्ते के अलावा आत्मा से आत्मा का संबंध का जुड़ना है। श्रद्धा की परीक्षा कठिन क्षणों में होती है। कठिनाई के समय भी इंसान यह मान लें कि करुणा, क्रोध, कोप सब भगवान की है तो श्रद्धा उत्पन्न हो जाती है। सही पथ पर चलने एवं अपने अंदर के विश्वास को कभी ना टूटने देने की भावना के साथ भगवान से प्रार्थना करें। जिस संसार में हम रह रहें हैं उसकी विशेषता को समझ लेना चाहिए। हर दिन दूसरे दिन की तुलना में नया आ जाता है। हर क्षण बदल रहा है।      डॉ० पण्ड्या जी ने कहा कि यदि मानव जाति के विकास को देखेंगे तो काफी बदलाव पाएगें। आज इंसान कहाँ से कहाँ पहुँच गए हैं पर इसमें से कुछ बदलाव जैसे संचार, यातायात, सूचनाओ की क्रांति को शुभ, सकारात्मक कह सकते हैं। यातायात की क्रांति से दूरियाँ सिमट कर रह गई है। संचार क्रांति में संदेशों को पल भर में पहुंचाया जा सकता है। सूचना की क्रांति के चलते अब कई चीजें उपलब्ध है। जिसे हम बैठकर एक साथ पढ़ सकते है। वहीं कुछ परिवर्तन ऐसे भी हैं जिसे देखकर पीड़ा होती है। अब समय आ गया है कि युवा अपनी शक्तियों को पहचाने और राष्ट्र हित में लगाये।
     बिहार के महामहिम राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी ने युवाओं को सम्बोधीत करते हुए कहा कि   समाज को सही राह पर दिशा देने में गायत्री परिवार सकारात्मक भूमिका निभाते हुए युवा को सही दिशा दे रहे हैं उन्होंने यह भी कहा की गायत्री परिवार व्यक्ति और परिवार में संस्कारो का निर्माण करता हैं |आज कल पैसों की प्रगति को ही विकास का पैमाना मान लिया गया है पर इसके बाद भी आर्थिक सम्पन देश भी संतुष्ट नहीं है | संस्कृति के बिना प्रगतिशील जीवन में भी संतुष्टि नहीं आ सकती है | गायत्री परिवार व्यक्ति परिवार समाज में संतुष्टि के लिए आत्मज्ञान और संस्कारो की शिक्षा दे रहा है, इसके माध्यम से ही समाज में फैली हुई कुरीतियों को दूर किया जा सकता है और युवाओं के माध्यम से दुनिया में भारत को फिर से सिरमौर बनाया जा सकता है ।

       प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी युवा प्रेरक आदरणीय मनीष भाईया ने बताया कि अगर युवा वर्तमान चुनौतियों को स्वीकार नहीं किया तो हमारा देश  जो कभी जगत गुरु था। वह पश्चिमी सभ्यता के आगोस में चला जाएगा।  इसमें हम सभी कि मुख्य भूमिका यह है कियुवाओ  के साथ मित्रवत व्यवहार करें। अब उन्हें प्यार से ही आदर्श बनाना होगा| परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्री राम शर्मा आचार्य कि इस पंक्ति को हम सबको अपनाना होगा “शालीनता बिन-मोल बिकती है पर उससे सबकुछ खरीदा जा सकता है” साथ में उन्होने ये भी ज़ोर दिया कि अगर समाज से दहेज समाप्त नहीं किया गया तो हम बहु घर में तो ला देगे लेकिन क्या वो आदर्श बहू बन कर अपने परिवार को आगे बढ़ाएँगी? इसकी कोई गारंटी नहीं है |इन्होनें बताया कि “आज लाखो घर बर्बाद हुये इस दहेज की बोली में, अर्थी चढ़ी हजारो कन्या बैठ न पाई डोली”। अतः आज बहुओं को भी बेटी जैसा प्यार मिले और अगर हम अपने बच्चो का आदर्श विवाह करने का संकल्प ले  तो समाज को दहेज की अग्नि में जलने से रोका जा सके | हमारा गायत्री परिवार इसका पहल बहुत पहले से कर चुका है और हमारे सैकड़ों कि संख्या में  युवा भाई बिना दहेज लिए शादी कर समाज में आदर्श स्थापित कर चुके हैं| हमारा संकल्प - बाल विवाह दहेज़ मुक्त बिहार बनाने का है।  


       श्री अशोक चौधरी जी ने संबोधित करते हुये कहाँ की हमारे राज्य के मुख्यमंत्री द्वरा वर्तमान में चलाये जा रहे है बल विवाह एवं दहेज़ मुक्त बिहार को गायत्री परिवार का भरपूर सहयोग मिल रहा है ये कार्य जो गायत्री परिवार वर्षो से करते आ रहे है। हम इसकी तहे दिल से प्रशंसा करते है। साथ ही युवाओं से आग्रह करते है कि मुख्यमंत्री एवं गायत्री परिवार के विचारों को आप भी अपनाये और बिहार ही नहीं पुरे देश को बाल- विवाह एवं दहेज मुक्त बनाये।

  कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक  अरुण सिन्हा जी एवं नागरिक पार्षद( पूर्व अध्यक्ष )  श्री छोटू सिंह जी भी उपस्थित थे ।

       बालसंस्कारशाला के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम जो प्रस्तुत हुआ वो सबका मन मोह लिया| बताते चले कि पटना मे 45 जगहो पर स्लम एरिया के 45000/- बच्चों एंव बच्चियों को निशुल्क मे पढ़ाने का काम प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ द्वारा किया जा रहा है | 

      कार्यक्रम में मंच संचालन श्री के० पी० दुबे शांतिकुंज प्रतिनिधि ने किया । 

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए डॉ ० अशोक कुमार ,ज्ञान प्रकाश, निशांत रंजन, प्रिंस रंजन, राजीव जी, अभिषेक जी, विसला जी , विजय कुमार शर्मा, विकाश जी आशुतोष जी एवं युवा प्रकोष्ठ के सभी भाइयों का सहयोग रहा है ।                                        
प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ, बिहारगायत्री शक्तिपीठ ,पटना-20


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