Published on 2019-02-20 HARDWAR

हरिद्वार 20 फरवरी।

                अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या के पिता पूर्व न्यायाधीश श्री सत्यनारायण पण्ड्या जी आज पंचतत्त्व में विलीन हो गये। खड़खड़ी स्थित शमशान घाट में उनके दोनों पुत्रों- डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं डॉ. अरुण पण्ड्या ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों गायत्री साधकों एवं जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।  

                मूल रूप से बड़नगर (उज्जैन) मप्र के रहने वाले श्री सत्यनारायण पण्ड्या का जन्म 23 जुलाई 1923 में हुआ था। वकालत की पढ़ाई करने के बाद वे न्यायिक सेवा में जुड़ गये थे। न्यायिक सेवा के दौरान पीड़ितों की निःस्वार्थ सेवा उनकी प्राथमिकता में रहती थी। देवास, इंदौर सहित अनेक जिलों में जिला जज के रूप में अपनी सेवाएँ दी। जबलपुर उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार के पद पर भी कई वर्षों तक सेवा देने के पश्चात वे युगऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आवाहन पर 1981 में स्थाई रूप से शांतिकुंज आ गये थे। तब से गायत्री तीर्थ में उनका निवास था। यहाँ वे युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के साहित्यों को अंग्रेजी में अनुवाद का कार्य करते थे। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी, डॉ. चिन्मय पण्ड्या, शेफाली, इंदु व्यास, सुषमा व्यास आदि परिवारीजनों ने नम आंखों से विदाई दी।

                उनकी अंतिम यात्रा में गायत्री तपोभूमि मथुरा के व्यवस्थापक श्री मृत्युंजय शर्मा, शांतिकुंज के अंतेवासी, देवसंस्कृति विवि परिवार, उनकी बेटियाँ सुषमा जोशी व पद्मा व्यास, दामाद- आलोक व्यास सहित परिवारजन, हरिद्वार शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि व कई राज्यों से आये गायत्री परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल रहे। पूर्व नगरपालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजपा नेत्री अन्नु कक्कड़, अनेक पार्षद सहित शहर के मीडिया प्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि दी। वहीं हरिद्वार सांसद डॉ. रमेशचन्द्र पोखरियाल निशंक आदि जनप्रतिनिधियों ने शांतिकुंज पहुँचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


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