Published on 2019-03-10 HARDWAR

भारत को जगद्गुरु बनाना हो, तो गायत्री की करनी होगी साधना ः स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि
भारत पुनः अखण्ड भारत बनकर रहेगा ः डॉ. पण्ड्या
हरिद्वार 9 मार्च।

देवभूमि हरिद्वार में सनातन आर्य हिन्दू धर्म संस्कृति की मृत्युंजयी परंपरा, जीवन मूल्य और सनातन सिद्धांतों के संरक्षण, संवर्धन के निमित्त हो रहे ५०१ कुण्डीय भारत माता आराधना महायज्ञ का राष्ट्र ध्वज आरोहण के साथ आज शुभारंभ हो गया। भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पूर्व शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की अध्यक्षता में हो रहे इस महायज्ञ का अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या, जूना अखाड़ा के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरि व कथा मर्मज्ञ स्वामी गोविन्द गिरि महाराज आदि ने सप्तऋषि मंदिर के सामने स्थित यज्ञ स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देश की आन-बान-शान की प्रतीक तिरंगा को फहराया। उल्लेखनीय है कि यह महायज्ञ वीर सैनिकों व शहीदों की स्मृति सम्पन्न हो रहा है।
                इस अवसर पूर्व शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि देश की आध्यात्मिक प्रगति में जिन-जिन मूर्धन्यों का बड़ा योगदान हैं, वे सब आज यहाँ पर उपस्थित हैं। उन्होंने गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे विश्व में इन दिनों वेदमाता, विश्वमाता की उपासना में करोड़ों साधक अपनी आहुतियाँ दे रहे हैं, जिनका नेतृत्व ब्रह्मर्षि डॉ. पण्ड्या कर रहे हैं। भारत में या यूं कहे कि वेद में पहला मंत्र ही गायत्री मंत्र आया है। अतः भारत को जगद्गुरु बनाने हो, तो गायत्री की साधना करनी होगी।
                महर्षि श्रीअरविन्द की भविष्यवाणी का उल्लेख करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि भारत पुनः अखण्ड भारत बनकर रहेगा। बर्मा से लेकर कन्याकुमारी तक समग्र भारत एक होगा। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यों की प्रशंसा की। स्वामी अवेधानंद गिरि ने भारतीय संस्कृति, संस्कार, सभ्यता और संसार के रक्षण के लिए गायत्री परिवार के कार्यों की उल्लेखनीय प्रशंसा कर अभिवादन किया। कथा मर्मज्ञ गोविन्द गिरि ने कहा कि भारत माता मंदिर की स्थापना कर पूज्य स्वामी जी ने जो कार्य कार्य किया है, वह अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भारत माता की आराधना से ही राष्ट्र को सशक्त व समर्थ बनाया जा सकता है।
                इससे पूर्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या ने स्वामी सत्यमित्रानंद जी से यज्ञ स्थल में मिले। डॉ. पण्ड्या ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी को पूज्य आचार्य पं. श्रीराम शर्मा द्वारा रहित युग साहित्य व पुष्पाहार भेंट कर सम्मानित किया, तो वहीं इस कार्यक्रम में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर देश-विदेश के कोने-कोने से आये स्वामी जी के अनुयायियों के अलावा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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