Published on 2019-03-22 HARDWAR

विषमताओं के उन्मूलन का महापर्व होली ः डॉ. पण्ड्या
हरिद्वार २२ मार्च।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय तथा गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में कुरीति मिटाने व आतंकियों के सफाया के लिए विशेष जप के साथ होली मनाई गयी। सैकड़ों लोगों के प्रतिनिधि के रूप में गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या व श्रद्धेया शैलदीदी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ होली पर्व का पूजन सम्पन्न कराया।
                इस अवसर पर श्रद्धेय डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जाति, वर्ग भेद के उन्मूलन का महापर्व है- होली। होली के अवसर पर विषमताओं-दुर्भावों को मिटाने के लिए आगे आने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणत्व (समाज हित में निःस्वार्थ भाव से कार्य करने वाला) के अभिवर्द्धन के लिए पूज्य गुरुदेव ने जो सूत्र दिया है, यह पर्व-आयोजन उस दिशा में एक सार्थक पहल है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि कृषि व ऋषि ने भारतीय संस्कृति की आधारशिला रखी है। होली केवल रंग खेलकर मनाया जाने वाला पर्व ही नहीं है, वरन् यह आत्मीयता विस्तार, उमंग, उत्साह, सामाजिक समानता-समरता का भी पर्व है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि युवा जोश को अश्लीलता की अनगढ़ता से बचाकर शालीनता की, सृजन की दिशा में लगाया जाना जरूरी है। समाज की ऊर्जा को कुयोग से बचाकर सुयोग में लगाने को अभियान का एक महत्त्वपूर्ण चरण मानकर इसे व्यापक रूप दिया जाना चाहिए।
                इससे पूर्व होली महापर्व के दौरान आयोजित सामूहिक जप में सैकड़ों लोगों ने भागीदार कर आतंकियों को जड़ से मिटाने हेतु प्रार्थना की, तो बहिनों द्वारा संचालित हवन में देश के वीर शहीद जवानों की आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए विशेष वैदिक मंत्रों से आहुतियाँ दी गयीं। यहाँ बताते चलें कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के कारण देसंविवि में फूलों की होली व शांतिकुंज में होली के कई कार्यक्रम स्थगित रहे।
                वहीं इस अवसर पर संगीत विभाग भाइयों ने होली पर्व की गीत व भजन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, देसंविवि के कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या सहित देश के कोने-कोने से आये साधकगण सहित शांतिकुंज, देसंविवि परिवार व ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान के डॉक्टर व वैज्ञानिक सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....