Published on 2019-03-30

अखिल विश्व गायत्री परिवार, नागपुर द्वारा दिनांक 30मार्च 2019को अनुसुइया सभागृह में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया.इस कार्यशाला में प्रमुख वक्ता कानपुर से पधारी प्रसूति एवं स्त्री रोग तज्ञ डॉ संगीता सारस्वत  दीदी ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ‘आओं गढ़े संस्कारवान पीढ़ी’ अभियान  का वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रतिपादन  किया .
इस कार्यशालामें मुख्य अतिथि ,शासकीय वैद्यकीय कॉलेज एवं हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग प्रमुख डॉ जे आइ फिदवी, विशिष्ट अतिथि के रूप में, तथा कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रमेश गौतम उपस्थित थे.
डॉ संगीता सारस्वत ने बताया की कैसे गर्भवती माँ के वातावरण की अहम् भूमिका  होती है  जिससे गर्भस्थ शिशु के जींस की अभिव्यक्ति को सकारात्मक वातावरण से बदला जा सकता है व मनचाही संतान , जो शारीरिक,मानसिक,अध्यात्मिक व बौद्धिक  रूप से संतुलित हो  जन्म दिया जा सकता है .इसे ही एपीजेनेटिक्स कहा जाता है
         जिसमे गर्भस्थ शिशु में,गर्भवती के द्वारा अपनायी गयी आदर्श दिनचर्या ,संस्कारित संतुलित  और सात्विक आहार ,गर्भस्थ शिशु से  संवाद,गर्भ संगीत, योग ,प्राणायाम ,ध्यान से होने वाले बदलाव का सूक्ष्म अध्ययन किया जाता है .अगर हर गर्भवती को यह सिखाया जाय तो निश्चित ही वह एक सज्जन सुशील ,सभ्य,प्रखर ,प्रतिभाशाली एवं समुन्नत संतान को जन्म दे सकती है.
उन्होंने ने यह भी कहा   कि गर्भ में बच्चा सुनता है,खुश होता है,दुखी होता है, तनावग्रस्त भी होता है. माँ के शरीर से बच्चे का शरीर और माँ के मन से बच्चे का मन बनता है. उन्होंने यह भी  बताया की मस्तिष्क का विकास अधिकाँश गर्भ में और बाकी पहले 5 साल में ही पूर्ण हो जाता है.
       इसलिए अच्छे विचारों से ,मन्त्रों से, ग्रन्थ अध्ययन से ,महापुरुषों की जीवनी पढ़ने से शिशु   के मन मस्तिष्क पर सद्संस्कारो की छाप अंकित होगी और अच्छे न्यूरॉन सर्किट्स बनने लगेंगेएवम्  हेल्थी होर्मोंस में वृद्धि होगी.
      डॉ सारस्वत ने कहा की ‘आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी’ अभियान को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता दिलवाना चाहिए जो की डॉक्टर्स के सहयोग से ही संभव है.
इस कार्यशाला में विशेष रूप से उपस्थित थे -नागपुर IMA के अध्यक्ष डॉ आशीष दिसावल,नागपूर ऑब्सटेट्रिक्स & गायनेकॉलॉजिकल सोसाइटी(NOGS) की अध्यक्षा  डॉ कंचन सोरते, एसोसिएशन ऑफ़ मेडिकल वुमन नागपूर(AMWN ) की अध्यक्षा डॉ मृदुला चांदे ,नेशनल असो.ऑफ़ रिप्रोडकटीव अंड चाइल्ड हेल्थ ऑफ़ इंडिया (NARCHI ) की अध्यक्षा डॉ क्षमा केदार, व सचिव डॉ अलका मुखर्जी,    शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज & हॉस्पिटल के अधिष्ठाता डॉ गणेश मुकावर एवं आयुर्वेदिक गायनिकविभाग प्रमुख  डॉ मनोज गायकवाड की विशेष उपस्थिति रही
          कार्यक्रम में 120 डॉक्टरों की उपस्थिति, एवम् हिंगणघाट, कामठी, कोराडी एवम् नागपुर के गायत्री कार्यकर्ताओं  की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया । महाराष्ट्र की प्रांतीय समन्वयक श्रीमती उमा शर्मा ने नागपूर के सभी प्रसुतिशास्त्रों से आव्हान किया है की वें उनके यहाँ एनरोल हुई सभी गर्भवतियों को प्रोत्साहित करें की वो गायत्री शक्तिपीठ ,नंदनवन नागपूर  में प्रतिमाह होने वाला ‘दिव्य गर्भोत्सव’ का निःशुल्क २ दिवसीय शिविर में जरुर सम्मिलित होवें.   कार्यक्रम की प्रस्तावना नागपुर जिला समन्वयक संध्या गुप्ता ने, मंच संचालन डॉ रानी भूतडा ने व आभार प्रदर्शन डॉ  कल्पना जायसवाल ने किया ।


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