Published on 2019-06-14 HARDWAR

दुनिया के लिए यह अलौकिक समय - डॉ. चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार 13 जून।देव संस्कृति विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय समर इन्टर्नशिप कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी की। जिसमें उन्होंने ट्रीज टेक्नोलॉजी के माध्यम से समस्या निवारण और उसके विविध आयामों के विषय में मार्गदर्शन प्राप्त किया।
                इस सात दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में दुनिया के पास एक जैसी विचारधारा का अभाव दिखाई देता है। यह युग विज्ञान का युग है। टेक्नोलॉजी का युग है। आज जिस प्रकार से कंप्यूटर को कोड चलता है उसी प्रकार से मनुष्य भी मूल्य व सिद्धांत रूपी कोड द्वारा चलता है। इस समय में हमे दो प्रकार के लोग दिखाई देते है, एक वो जो टेक्नोलॉजी चलाने वाले हैं और दूसरे वो जो टेक्नोलॉजी से चलने वाले है। डॉ. पंड्या ने कहा कि आज हम अपने जीवन का उद्देश्य भूल गए है जिससे मूल्यों का ह्रास हो रहा है। मनुष्य का अस्तित्व क्या है? उसके जन्म का क्या अभिप्राय है ? ये सब बातें कहीं खो सी गयी है। यह सामूहिक चेतना के जागरण का युग है। इस युग में हजारों विचारों से अलग सभी के अंदर विचार क्रांति का जन्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ मानवता का भी विस्तार करें, जिससे निकट रहने वाले व्यक्ति, समाज के साथ सहकारिता के साथ रह सकें। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान और अध्यात्म को साथ लेकर चलने की जरुरत है, जहाँ विज्ञान सभ्यता सिखाता है, तो वहीं अध्यात्म मानव में मानवता के गुण विकसित करता है। जो परिवार, समाज व राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक है। प्रतिकुलपति ने कहा कि देसंविवि में विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय देखने को मिलता है, यहाँ विद्यार्थियों में उनके पाठ्यक्रम के अलावा विज्ञान एवं अध्यात्म की शिक्षा भी दी जाती है जो अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है। जिससे यहाँ के छात्र-छात्राओं में एक विशेष उत्साह दिखाई देता है।
                विशिष्ट अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ मलेसिया सरवाक के प्रो.नारायन कुलथुरामैयार ने इटर्नशिप के विषय ट्रीज टेक्नोलॉजी पर चर्चा करते हुए कहा कि इस विषय के ज्ञान द्वारा विद्यार्थी पेटेन्ट एवं उसकी प्रणाली को समझ पाने में सक्षम हो पाएंगे। कंप्यूटर विभागाध्यक्ष प्रो. अभय सक्सेना ने प्रौद्योगिकी विषय पर प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक एवं सैद्धान्तिक स्वरूपों की विस्तृत जानकारी दी गयी। प्रो. सक्सेना ने कार्यक्रम के मुख्य बिन्दुओं को भी स्पष्ट किया।
                समापन से पूर्व प्रतिकुलपति अतिथियों एवं विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया। निधि कुमारी, कु. दीक्षा, ओजस, कृष्णा, गायत्री को उनके उत्कृष्ट प्रतिवेदन के लिए पुरस्कृत किये गये। प्रतिभागियों को डाटाबेस प्रोजेक्ट, मॉडल, चालीस बेसिक प्रिसिंपल, रिसर्च मेथोडोलॉजी, कान्सेप्ट एवं एप्लीकेशन इत्यादि विषयों पर जानकारी दी गयी। इंटर्नशिप कार्यक्रम में तीर्थंकर महावीर विवि मुदाराबाद एवं देसंविवि के रिचर्स स्कालर व अन्य विद्यार्थी शामिल रहे। समापन अवसर पर अश्वनी शर्मा, डॉ. अरूणेश पाराशर, डॉ. उमाकांत इंदौलिया, डॉ. असीम कुलश्रेष्ठ, डॉ. गोपाल शर्मा, कु. अनामिका, डॉ० राजेश्वरी, चन्द्रशेखर, श्रीमती भानुप्रिया सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।


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