Published on 2019-07-04 HARDWAR
img

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही संभव है देश का विकासः डॉ चिन्मय पण्ड्या

हरिद्वार, 3 जुलाई।


देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज अपने विद्यार्थियों के चहुँमुखी विकास के लिए पाठ्यक्रम के अलावा भी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ संचालित करता है। साथ ही शिक्षकों की गुणवत्ता के विकास के लिए भी समय-समय पर अनेक कार्यक्रम चलाये जाते हैं। इसी क्रम में विवि के शिक्षकों के स्तर को और अधिक प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में विभिन्न सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ बेहतर प्रशिक्षण के सूत्र दिये गये। जिसका आज समापन हो गया।
      कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है। देश का विकास तभी संभव है, जब हमारी शिक्षा उच्चस्तरीय हो। उन्होंने कहा कि देसंविवि के सत्रह वर्ष की प्रगति सराहनीय रही। परन्तु इसे और अधिक तीव्र करने की आवश्यकता है, जिससे देश एवं समाज में सभ्य एवं सुशिक्षित नागरिकों की एक फौज खड़ी हो, जो देश ही नहीं, पूरी दुनिया में विचार क्रांति के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन का संवाहक बने। उन्होंने कहा कि देसंविवि युवाओं में पाठ्यक्रम के अलावा सकारात्मकता के बीज भी बोये जाते हैं, जो युवा वर्ग को भटकने से बचाता है और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करता है।

      राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के सेवानिवृत्त प्रोफेसर पीयूष वर्मा ने पाठ्यक्रम निर्माण, मूल्यांकन पद्धति, कोर्स की रूपरेखा, विद्यार्थियों का उद्देश्यपूर्ण सहभागिता, 21 वीं सदी में आदर्श शिक्षकों के गुण, दैनिक कक्षाओं में एक्शन रिसर्च उपयोग, शिक्षण में मीडिया एवं तकनीक का उपयोग आदि विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर गहन प्रकाश डाला। कार्यशाला के समन्वयक ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा, संस्थागत एवं समाज परिवर्तन का प्रभावी उपकरण हो सकती है, लेकिन ये तभी संभव है जब शिक्षक प्रबुद्ध एवं जागरूक हो, जो विद्यार्थियों के स्तर एवं आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण देते हुए उनकी श्रेष्ठतम प्रतिभा को उभार सके जिससे समाज का निरंतर सकारात्मक विकास होता रहे। पत्रकारिता विभाग के डॉ सुखनन्दन सिंह ने पूरे कार्यशाला का रिपोर्ट प्रस्तुत किया।

      समापन से पूर्व प्रतिकुलपति ने प्रो. पीयूष वर्मा को उपवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट किया तथा सभी शिक्षकों को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। इस अवसर पर उपकुलसचिव डॉ. स्मिता वशिष्ठ, पर्यटन प्रबंधन के विभागाध्यक्ष डॉ. उमाकान्त इंदौलिया, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ संतोष कुमार, डॉ० वंदना सिंह सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

देसंविवि के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ करते हुए डॉ. पण्ड्या ने कहा - कर्मों के प्रति समर्पण श्रेष्ठतम साधना

हरिद्वार 26 जुलाई।देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने विश्वविद्यालय के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ के अवसर पर गीता का मर्म सिखाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के विधिवत् पाठ्यक्रम का पठन-पाठन का क्रम की शुरुआत.....


Warning: Unknown: write failed: No space left on device (28) in Unknown on line 0

Warning: Unknown: Failed to write session data (files). Please verify that the current setting of session.save_path is correct (/var/lib/php/sessions) in Unknown on line 0