Published on 2019-07-13 HARDWAR
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पर्वतारोही दल ने आध्यात्मिक ऊर्जा के केन्द्र गोमुख, तपोवन, कीर्ति ग्लेशियर, भोजवासा की सफाई भी की


थल सेना के जवान और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का एक दल करीब 22,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित माउण्ट केदार डोम में तिरंगा व देसंविवि का ध्वज फहरा कर लौटा। इस दल ने माइनस 32 डिग्री हाड़ जमा देने वाली ठंड में न केवल कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि गोमुख, तपोवन, कीर्ति ग्लेशियर, भोजवासा आदि आध्यात्मिक ऊर्जा केन्द्रों की सफाई कर देवात्मा हिमालय की स्वच्छता- पवित्रता बनाये रखने का संदेश दिया। दल के सकुशल शांतिकुंज लौटने पर श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं श्रद्धेया शैल दीदी ने गायत्री मंत्र का उपवस्त्र ओढ़ाकर एवं युगसाहित्य भेंट कर दल के सभी सदस्यों का स्वागत- अभिनंदन किया।

मेजर विकास शुक्ला के नेतृत्व में 24 सदस्यीय यह दल 19 मई को युगतीर्थ शांतिकुंज की दिव्य चेतना एवं प्रेरणा को हृदयंगम करते हुए रवाना हुआ था। मेजर विकास शुक्ला के अनुसार कार्य आसान नहीं था। सन् 2005 के बाद कोई भी दल माउण्ट केदार डोम पर ध्वज फहराकर सकुशल नहीं लौटा था। उनके दल की यह सफलता असाधारण थी। दल ने माउण्ट केदार पर तिरंगा, देव संस्कृति विवि. एवं सेना के ध्वज फहराने के बाद आध्यात्मिक महत्त्व के केन्द्रों की सफाई की। यह दल अपने साथ पाँच बोरे कचरा अपने कंधे पर ढोकर नीचे लाया।
इस दल के 14 सदस्य माउण्ट केदार डोम तक पहुँचे। इनमें अहमदनगर (महाराष्ट्र), जोधपुर व सूरतगढ़ (राजस्थान) में तैनात सेना के जवान तथा देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के नरेन्द्र गिरि शामिल रहे।


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