Published on 2019-07-26

शांतिकुंज के प्रतिनिधियों के सान्निध्य में २१ से २५ जून तक संगोष्ठियाँ, दीपयज्ञ, संस्कार

सिंगापुर में आयोजित आईसीसीएस में भाग लेने के बाद शांतिकुंज की टोली पाँच दिनों तक सिंगापुर और मलेशिया में ही रही। वहाँ कई छोटे- बड़े कार्यक्रम किये। इनके माध्यम से गायत्री, यज्ञ एवं परम पूज्य गुरुदेव के विचारों के प्रति जो आस्था जागी है, वह अगले दिनों इन दोनों देशों में युगशक्ति गायत्री के विस्तार में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में नये लोग मिशन से जुड़े, प्रभावित हुए। उनके बीच गायत्री का ज्ञान- विज्ञान, यज्ञ और कर्मफल का विधान, मानवीय उत्कर्ष में आध्यात्मिक जीवन शैली का योगदान जैसे विषयों पर उद्बोधन और चर्चाएँ हुई।

इस संदर्भ में उन्हें बेझिझक अपनी शंका एवं जिज्ञासाएँ प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उनके समाधान के साथ जीवन को नई दिशा मिली। इन पाँच दिनों में सभ्यता और चकाचौंध की होड़ में बहती- भटकती दुनिया को यथार्थता का बोध करने और अपनी सनातन संस्कृति के प्रति आस्था बढ़ाने का अमूल्य अवसर मिला।



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