Published on 2019-08-08
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय में


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश

परम पूज्य गुरुदेव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय में अनेक बार गये, वहाँ बैठकर घंटों अध्ययन किया, 27 जुलाई 2019 को उसी पुस्तकालय में उनके समस्त साहित्य की पूरे विधि- विधान के साथ स्थापना की गई। ज्ञानयज्ञ के लिए विशेष रूप से संकल्पित स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्त्ता इंजीनियर श्री एल.बी. सिंह, आर.डी.एस.ओ. लखनऊ एवं भूतपूर्व सूबेदार मेजर के सौजन्य से यह स्थापना की गई है।

साहित्य स्थापना पुस्तकालय में एक भव्य समारोह के साथ हुई। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह की मुख्य उपस्थिति में वरिष्ठ कार्यकर्त्ता एवं जिला समन्वयक
श्री भगवान सिंह, पूर्व जिला जज एवं जानकी सिंह ने युग साहित्य का पूजन कराया। इस अवसर पर युगऋषि का समग्र वाङ्मय, वेद, उपनिषद्, दर्शन एवं अन्य नवीनतम प्रकाशित महत्त्वपूर्ण ग्रंथों सहित कुल 150 ग्रंथों की स्थापना की गई।
पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह मिशन से जुड़े हैं, गायत्री की महिमा बचपन से ही जानते हैं। उन्होंने विवि के आचार्य एवं विद्यार्थियों को इस साहित्य को सतत पढ़ने की प्रेरणा देते रहने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर इंजीनियर श्री एल.बी. सिंह के अलावा ज्ञानयज्ञ के लिए समर्पित प्रयागराज के अन्य प्राणवान परिजन जगदीश चंद्र जोशी, देश दीपक जोशी, डॉ. सुमन रानी, डॉ. रीमा, आर.पी. द्विवेदी, आर.के. सिंह, अवधेश सिंह, देवव्रत साहा राय, बी.डी. त्रिपाठी, संजय गुप्ता, सरिता गुप्ता तथा विवि की ओर से श्री आर.सी. जोशी व अनेक कर्मचारी उपस्थित थे।


विश्वनाथ प्रसाद पी.जी. महाविद्यालय में
श्री एल.बी. सिंह, आर.डी.एस.ओ. लखनऊ के सौजन्य से विगत दिनों विश्वनाथ प्रसाद पी.जी. महाविद्यालय में पूज्य गुरुदेव के वाङ्मय के 79 खण्डों की स्थापना हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबन्धक श्री रामबाबू केशरवानी, प्राचार्य श्री कन्हईलाल जी सहित कई आचार्य- अधिकारी उपस्थित थे।


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