Published on 2019-08-10
img

हरिद्वार 10 अगस्त।


देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि भगवान द्वारा गाया गया ही गीता है। भगवान श्रीकृष्ण ने समाज को नई दिशा व प्रेरणा देने के लिए गीता कही। गीता आज भी उतना ही महत्व रखता है, जितनी पहले थी। गीता एक विलक्षण ग्रंथ है। श्रीकृष्ण जी ने ब्राह्मी चेतना में एकाकार होकर गीता कही है।

वे देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मृत्युजंय सभागार में आयोजित गीतामृत की विशेष कक्षा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर देसंविवि के कुलपति, कुलसचिव सहित समस्त विभागाध्यक्ष एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। गीता मर्मज्ञ डॉ पण्ड्या ने कहा कि श्रीकृष्ण ने अर्जुन को पाण्डवों व कौरवों की सेना के मध्य खडा कर उनके मन में पल रहे विभिन्न शंकाओं, जिज्ञासाओं को समाधान कर अन्याय के विरूद्ध युद्ध करने के लिए तैयार किया। उसी तरह वर्तमान समय में युवाओं के मन जो शंकाएं पनप रही है उसका निराकरण करना आवश्यक है। तभी युवा सही और गलत का अंतर समझ पायेगा। उन्होंने कहा कि युग निर्माण आंदोलन के अंतर्गत देवसंस्कृति विवि व गायत्री परिवार इस दिशा में सार्थक पहल कर रहा है। अनेकानेक युवाओं ने अपनी संकीर्णता से उपर उठकर, संवेदना, नारी के प्रति आदर आदि सद्गुणों के साथ समाज को नई दिशा में जुट रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता का जीवन में काफी महत्व है। गीता का स्वाध्याय करने से जीवन में सार्थक बदलाव संभव है। गीता से मन में अच्छे संस्कार उत्पन्न होते हैं, जो आगे बढने के लिए सीढ़ी का काम करता है। गीता विशाद से प्रसाद की ओर ले जाता है। इसके साथ ही देसंविवि के अभिभावक डॉ पण्ड्या ने विद्यार्थियों के विभिन्न वैयक्तिक, सामाजिक व आध्यात्मिक शंकाओं का समाधान किया।

इससे पूर्व संगीत विभाग के भाइयों ने सितार, वायलिन वांसुरी की सुमधुर धुन पर गुरूवर बिन ज्ञान नहीं रे, नहीं रे...... प्रस्तुत कर उपस्थित जन समुदाय को उल्लसित किया। इस अवसर देवसंस्कृति विवि के कुलपति श्री शरद पारधी, कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन सहित समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, शांतिकुंज व ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान परिवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

युग निर्माण हेतु भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों की आवश्यकता जिसकी आधारशिला है भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा -शांतिकुंज प्रतिनिधि आ.रामयश तिवारी जी

वाराणसी व मऊ उपजोन की *संगोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ,लंका,वाराणसी के पावन प्रांगण में संपन्न* हुई।जहां ज्ञान गंगा की गंगोत्री,*महाकाल का घोंसला,मानव गढ़ने की टकसाल एवं हम सभी के प्राण का केंद्र अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज,हरिद्वार* से पधारे युगऋषि के अग्रज.....

img

Yoga Day celebration

Yoga day celebration in Dharampur taluka district ValsadGaytri pariwar Dharampur.....

img

गर्भवती महिलाओं की हुई गोद भराई और पुंसवन संस्कार

*वाराणसी* । गर्भवती महिलाओं व भावी संतान को स्वस्थ व संस्कारवान बनाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद व *गायत्री शक्तिपीठ नगवां लंका वाराणसी* के सहयोग से पुंसवन संस्कार एवं गोद भराई कार्यक्रम संपन्न हुआ। बड़ी पियरी स्थित.....