Published on 2019-10-04
img

30 अगस्त को देव संस्कृति विश्वविद्यालय में ‘उन्नयन- 2019’ सम्पन्न हुआ। यह मनोरंजन नहीं, महान संदेश था अपने नवप्रवेशी साथियों के लिए। उनकी आस्था के, विचारों के, जीवन लक्ष्य के, संकल्प के उन्नयन का महापर्व था। समूह गीत, नृत्य, नाटिका, योग जैसे अनेक कार्यक्रम वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए। पावर पॉइण्ट के साथ देव संस्कृति की उत्कृष्टता के दर्शन कराए गए। यह सब मात्र मनोरंजन नहीं, एक सशक्त संदेश था।

उन्नयन- 2019 कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी, कुलपति श्री शरद पारधी जी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी, कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आयोजित हुआ। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने सभी आचार्य, अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

उन्नयन- 2019 की विषयवस्तु थी ‘चलो गाँव की ओर’। हर प्रस्तुति में देश की गढ़वाली, बंगाली आदि अनेक संस्कृतियों की झलक थी। इस विषयवस्तु के आधार पर एक नाटिका भी प्रस्तुत की गई। एक गीत का तो सीधा संदेश था ‘ये है उन्नयन, संस्कृतियों का मिलन। ये है उन्नयन नई दिशा का चयन।’

श्रद्धेय डॉ. साहब ने अपने आशीर्वचन में वरिष्ठ विद्यार्थियों की उदात्त सोच और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना की। उन्होंने इसे आस्थाओं के उन्नयन का महापर्व बताया, जिसमें राष्ट्रीय उत्कर्ष की भावनाएँ थीं, ग्राम प्रधान भारतीय संस्कृति के पुनर्जीवन की योजना एवं संकल्प का समावेश था।

योगमय प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कुलाधिपति जी ने कहा कि योग संतुलित, व्यवस्थित, अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। योग से हर प्रकार के दु:खों का नाश होता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व विवि परिसर स्थित प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के छात्र- छात्राओं सहित चीन से आये 25 विद्यार्थियों के दल ने भी भाग लिया।


Write Your Comments Here:


img

anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री मंत्र और गायत्री माँ के चम्त्कार् के बारे मैं बताया

मैं यशवीन् मैंने आज राजस्थान के barmer के बालोतरा मैं anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री माँ के बारे मैं बच्चों को जागरूक किया और वेद माता के कुछ बातें बताई और महा मंत्र गायत्री का जाप कराया जिसे आने वाले.....

img

युग निर्माण हेतु भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों की आवश्यकता जिसकी आधारशिला है भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा -शांतिकुंज प्रतिनिधि आ.रामयश तिवारी जी

वाराणसी व मऊ उपजोन की *संगोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ,लंका,वाराणसी के पावन प्रांगण में संपन्न* हुई।जहां ज्ञान गंगा की गंगोत्री,*महाकाल का घोंसला,मानव गढ़ने की टकसाल एवं हम सभी के प्राण का केंद्र अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज,हरिद्वार* से पधारे युगऋषि के अग्रज.....

img

Yoga Day celebration

Yoga day celebration in Dharampur taluka district ValsadGaytri pariwar Dharampur.....