Published on 2019-11-13
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  251 हवन कुंड में 3501 साधकों ने दीं विश्व कल्याण के लिए 73,521 बार आहुतियां, वैदिक मंत्रों से अग्निदेव को स्थापित किया Korba News - सोमवार को इंदिरा स्टेडियम परिसर में गायत्री महायज्ञ के दौरान वैदिक पद्धति के अनुसार यज्ञ कर्म किया गया। जिसमें... Bhaskar News Network Nov 12, 2019, 07:36 AM IST सोमवार को इंदिरा स्टेडियम परिसर में गायत्री महायज्ञ के दौरान वैदिक पद्धति के अनुसार यज्ञ कर्म किया गया। जिसमें देवपूजन, सप्तऋषि आह्वान, सर्वतोभद्र पूजन, नवग्रह आह्वान, वास्तुपूजन, षोडषमातृका पूजन, सप्त मातृका पूजन के बाद अग्नि स्थापना कर गायत्री मंत्र की आहुतियां यज्ञ भगवान को दी गई। महायज्ञ में आहुति के लिए शुद्ध घी की व्यवस्था थी। हवनकुंड से अग्नि में जलते घी व हवन सामग्री से शहर का वातावरण देवस्थली के रूप में नजर आई। जो यहां के वातावरण को भी शुद्ध करने में मददगार साबित हुआ। महायज्ञ स्थल पर बने 251 वैदिक कुंडों के समक्ष 3501 साधकों ने बैठकर विश्व कल्याण के लिए 73521 आहुतियां दीं। इतने ही लोग मंगलवार को भी आहुतियां देंगे। एक हवन कुंड में 4 जोड़ों के बैठने की व्यवस्था की गई थी संख्या अधिक होने के कारण अलग भी हवन करने कुंड की व्यवस्था कर आहुतियां दिलाई गई।
15 हजार से अधिक लोगों ने अर्जित किया पुण्य
आहुतियां देने वालों की संख्या 3501 रही। जबकि इससे अधिक लोग यज्ञ स्थल पर मौजूद रहकर महायज्ञ का पुण्य अर्जित किए। आयोजन की व्यवस्था के लिए गायत्री परिवार के 4500 साधक सेवा देने में जुटे रहे। आयोजकों के अनुसार दूसरे दिन 15000 से अधिक लोग आयोजन में शामिल हुए।
घी और हवन सामग्री से वातावरण हुआ शुद्ध, श्रद्धालुओं ने पुस्तक मेला और प्रदर्शनी को भी देखा
इंदिरा स्टेडियम परिसर में गायत्री महायज्ञ के दौरान वैदिक पद्धति के अनुसार हवन कुंड में यज्ञ करते यजमान।
यज्ञ स्थल पर युग निर्माण पताका के साथ आचार्य श्री की झांकी।
यज्ञ स्थल पर प्रदर्शनी है आकर्षण का केंद्र
यज्ञ स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को आस्था से जोड़ने रखने के लिए यज्ञ के अलावा पुस्तक मेला के साथ प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसमें चिकित्सा, के साथ देवों की मूर्तियां भी हैं। गायत्री माता के 24 स्वरूपों की प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र है।
यज्ञ स्थल पर लगाई भगवान शंकर की झांकी।
गायत्री माता के 24 स्वरूपों की लगी प्रदर्शनी। Normal 0 false false false EN-US X-NONE X-NONE /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; mso-tstyle-rowband-size:0; mso-tstyle-colband-size:0; mso-style-noshow:yes; mso-style-priority:99; mso-style-qformat:yes; mso-style-parent:""; mso-padding-alt:0in 5.4pt 0in 5.4pt; mso-para-margin-top:0in; mso-para-margin-right:0in; mso-para-margin-bottom:10.0pt; mso-para-margin-left:0in; line-height:115%; mso-pagination:widow-orphan; font-size:11.0pt; font-family:"Calibri","sans-serif"; mso-ascii-font-family:Calibri; mso-ascii-theme-font:minor-latin; mso-hansi-font-family:Calibri; mso-hansi-theme-font:minor-latin; mso-bidi-font-family:"Times New Roman"; mso-bidi-theme-font:minor-bidi;}


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