Published on 2019-12-03
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ग्रामीण क्षेत्र में 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित कर 175 गाँवों में पहुँचाया ऋषि संदेश

कठूमर, अलवर। राजस्थान


है तो तहसील मुख्यालय, लेकिन शहर नहीं, ग्रामीण कस्बा ही है। मिशन की दृष्टि से बहुत पिछड़ा, मात्र 4- 6 कार्यकर्त्ता थे वहाँ। लेकिन वहाँ 9 से 12 नवम्बर की तारीखों में 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ गायत्री महायज्ञ का एक विशाल आयोजन सम्पन्न हुआ। छ: माह तक चले प्रयाज में 175 गाँवों तक जनसंपर्क, रैलियों, संगोष्ठियों आदि के माध्यम से यज्ञ पिता और गायत्री माता को पहुँचाया गया।  

कठूमर का महायज्ञ एक कर्मयोगी के संकल्प, साहस और पुरुषार्थ की शानदार सफलता कहा जा सकता है। भरतपुर जिले में कुम्हेर के 75 वर्षीय प्राणवान कार्यकर्त्ता श्री श्याम सुंदर शर्मा की शासकीय सेवाओं के समय यह कर्मभूमि रही है। उन्होंने भावनात्मक जुड़ाव वाले इस क्षेत्र में युगचेतना विस्तार की ठानी और उसे घर- घर पहुँचाने का संकल्प पूरा कर दिखाया।

कठूमर महायज्ञ के प्रयाज का आधार ‘घर- घर गायत्री यज्ञ- उपासना’ ही रहा। श्री श्याम सुंदर शर्मा जुलाई से यज्ञ के समापन तक प्रयाज- याज कार्यक्रमों का नेतृत्व करते रहे। भले ही क्षेत्रीय कार्यकर्त्ता कम हों, लेकिन श्री श्याम सुंदर जी की गुरुनिष्ठा, प्रामाणिकता और सक्रियता के बल पर सहयोगियों की कमी नहीं रही। जीआईएस स्कूल के निदेशक श्री रमेश चौधरी, रेला गाँव के श्री भगवान सिंह, श्री नाहर सिंह, श्री मेवाराम, बींजला गाँव के श्री नरेश फैजदार, अलवर के श्री चरण सिंह चौधरी, श्री ज्ञानेन्द्र शर्मा, परिवार न्यायालय अलवर के श्री सतीश कौशिक इस कार्यक्रम में एक समर्पित कार्यकर्त्ता के रूप में सक्रिय रहे।
कार्यक्रम संयोजक गायत्री परिवार ट्रस्ट करोली कुण्ड अलवर के श्री राजेन्द्र प्रसाद सेठी, श्री सतीश सारस्वत, भरतपुर के श्री देवेंद्र जी, हिन्डोन के श्री बहादुर सिंह, मुकेश गुप्ता जी, भरतपुर उपजोन प्रभारी श्री रवि सिंह इन्दोलिया का विशिष्ट योगदान रहा।


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