Published on 2020-01-23
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पर्यावरण शुद्धि, आसुरी शक्तियों का शमन और संभावित प्राकृतिक आपदाओं पर अंकुश लगे, इस उद्देश्यों के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आगामी  वसंत पंचमी पर 30 जनवरी से 40 दिवसीय विश्व स्तरीय गायत्री मंत्र जाप व साधना अनुष्ठान प्रारंभ किया जाएगा। इसमें भारत समेत विश्व के कई देशों में रह रहे गायत्री साधक शामिल होंगे। प्रत्येक साधक को शांतिकुंज हरिद्वार से पंजीयन कराकर अपने घर पर ही 40 दिन में सवा लाख गायत्री मंत्र का जाप करना होगा।
     विश्वभर में गायत्री परिवार के करीब 15 करोड़ अनुयायी हैं। होली पर इस साधना की पूर्णाहुति समूचे विश्व में एक ही समय पर होगी। इसके बाद मई में बुद्ध पूर्णिमा पर पांच लाख घरों में एक साथ गायत्री यज्ञ किया जाएगा। इस आयोजन से जुड़े शांतिकुंज युवा प्रकोष्ट के श्री केदार दुबे के अनुसार शांतिकुंज प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्व विद्यालय के कुलधिपति डॉ प्रणव पंड्या के निर्देश पर 30 जनवरी से 10 मार्च तक गायत्री मंत्र जाप का विशेष अनुष्ठान होगा। नियमों के तहत 40 दिन की साधना में साधक को एक दिन का मौन रखना अनिवार्य रहेगा। श्री दुबे ने कहा कि करीब 5 करोड़ साधक इस महा अनुष्ठान में शामिल रहेंगे।
        गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या जी ने साधको को विशेष वीडियो सन्देश देते हुए कहा कि अनुष्ठान से साधकों को संसार में चमत्कार से पूर्ण अनेक प्रकार की गुप्त आध्यात्मिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं। उन्होंने कहा कि आज की विषम परिस्थिति में सामूहिक जप  अनिवार्य है। साधना से युग परिवर्तन की गति में तीव्रता आयेगी। समुह से उत्पन ऊर्जा आसुरी शक्तिओ का विनाश करेगी। डॉ पंड्या ने अधिक से अधिक साधकों को इस अभियान से जुडने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि उपासना से जो फल मिलता है, उसका शब्दों में वर्णन करना सम्भव नहीं है। यह वैदिक मंत्रों में वेदसार है, सर्वश्रेष्ठ है। जिस प्रकार माँ सन्तान को जन्म देती है, उसी प्रकार वेदमाता से सारे वेद उत्पन्न हुए हैं। इसीलिए वेदमाता गायत्री की उपासना एवं जाप से समस्त समस्या का समाधान संभव होगा।


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